आज चैती छठ के दूसरे दिन खरना पूजा:गुड़ की खीर और रोटी का बनेगा प्रसाद, शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला उपवास

आज चैती छठ के दूसरे दिन खरना पूजा होगी। खरना के दिन कृत्तिका नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। व्रती आज पूरे दिन निराहार रह कर संध्या में खरना का पूजा कर प्रसाद ग्रहण करेंगी।

खरना की पूजा में दूध और गुड़ से बनी खीर, रोटी, मौसमी फल का प्रसाद बनेगा, जिसे ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाएगा।

सूर्य को आरोग्य देवता के रूप में पूजा की जाती है और समस्त जगत के जीवन शक्ति के प्रदाता सूर्य को ही माना गया है।

खरना पूजा और अर्घ्य मुहूर्त

खरना का पूजा: संध्या 06:01 बजे 07:29 बजे तक

अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य : शाम 06:02 बजे तक

प्रातः कालीन सूर्य को अर्घ्य: प्रातः 05:57 बजे के बाद दिया जायेगा

खरना के प्रसाद से दूर होते कष्ट

आचार्य राकेश झा ने बताया कि छठ महापर्व के चतुर्थ दिवसीय अनुष्ठान के अंतर्गत आज दूसरे दिन खरना के प्रसाद में ईख के कच्चे रस, गुड़ के सेवन से त्वचा रोग, आंख की पीड़ा, शरीर के दाग-धब्बे समाप्त हो जाते है। वहीं, इसके प्रसाद से तेजस्विता, निरोगिता व बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती है।

संतान के लिए उत्तम है छठ व्रत

ज्योतिषी राकेश झा के मुताबिक सूर्य षष्ठी का व्रत आरोग्यता, सौभाग्य व संतान के लिए किया जाता है। स्कंद पुराण के मुताबिक राजा प्रियव्रत ने भी यह व्रत रखा था। उन्हें कुष्ठ रोग हो गया था।

भगवान भास्कर से इस रोग की मुक्ति के लिए उन्होंने छठ व्रत किया था। स्कंद पुराण में प्रतिहार षष्ठी के तौर पर इस व्रत की चर्चा है। वर्षकृत्यम में भी छठ का वर्णन मिलता है।

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