अगले साल यूपी इलेक्शन के साथ राष्ट्रपति का भी चुनाव
बांकीपुर से पांच बार के विधायक नितिन नवीन 2021 से लेकर अब तक राज्य सरकार में तीन बार मंत्री रहे। अब वे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की अहम जिम्मेदारी निभा रहे हैं। भाजपा अध्यक्ष के तौर पर नितिन का कार्यकाल 2028 तक है। उनके इस तीन साल के कार्यकाल के दौरान 20 राज्यों की 3,081 सीटों पर विधानसभा चुनाव होगा। जबकि 2027 में ही देश के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का भी चुनाव होगा।
उक्त 3,081 सीटों में से भाजपा कोटे की 2,000 सीटों पर प्रत्याशियों के चयन का अंतिम निर्णय नितिन नवीन के जिम्मे है। शेष 1,081 सीटों पर भी वह अपनी बात रखेंगे। पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में 824 विधानसभा सीटों पर चुनाव इसी साल होना है। 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में 1,234 सीटों पर चुनाव होगा। वहीं, 2028 में छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, मिजोरम, नागालैंड, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा में 1,023 सीटों पर चुनाव होगा।
7 लेयर में चुनाव की तैयारी
सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए 7 लेयर (परतों) में तैयारी की जाएगी। इसमें विधानसभा व मंडल प्रभारी, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी के साथ-साथ सर्वे रिपोर्ट और प्रदेश अध्यक्ष की रिपोर्ट को ध्यान में रखा जाएगा। विशेष सर्वे कराकर स्थानीय लोगों के फीडबैक के आधार पर ही प्रत्याशियों का चयन किया जाएगा।
राज्यों से मांगी रिपोर्ट
नितिन नवीन ने सभी राज्यों में भाजपा की स्थिति के बारे में प्रदेश अध्यक्षों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उसी आधार पर प्रत्याशियों का चयन होगा। फिलहाल वे असम दौरे पर हैं और रैलियों को संबोधित कर रहे हैं।
राज्य में मंत्री रहते कई नीतियों और योजनाओं को लागू कराया 2021 से अबतक तीन बार बिहार के मंत्री का दायित्व नितिन नवीन बांकीपुर विधानसभा सीट से 5 बार विधायक रहे हैं। वे बांकीपुर के 7 बार के विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं। साल 2006 में पिता की मौत के बाद पहली बार 26 वर्ष की आयु में विधायक चुने गए। इसके बाद साल 2010, 2015, 2020 और 2025 में विधायक बने। नितिन नवीन 2021 में पहली बार वह पथ निर्माण विभाग के मंत्री बने। 2024 में उन्हें नगर विकास एवं आवास तथा विधि विभाग का मंत्री बनाया गया। पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव के बाद नई सरकार बनी तो नितिन नवीन को पथ निर्माण विभाग के मंत्री पद की जिम्मेदारी दी गई।
पहले विधायक बने, फिर संगठन से जुड़े नितिन नवीन पहले विधायक बने, बाद में संगठन से जुड़े। वे 2006 में ही विधायक बने थे। वे 2008 में भाजयुमो की राष्ट्रीय कार्य समिति के सदस्य बने। 2010 से 2013 तक भाजयुमो के राष्ट्रीय महामंत्री और 2016-2019 तक प्रदेश अध्यक्ष रहे। साल 2019 में उन्हें सिक्किम का प्रभारी बनाया गया। इस दौरान ही पहली बार सिक्किम में भाजपा के दो विधायक चुने गए। साल 2021 से 2014 तक नितिन छत्तीसगढ़ के सह प्रभारी रहे। 2024 में उन्हें छत्तीसगढ़ का प्रभारी बनाया गया।
2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर बढ़ सकता है कार्यकाल 2029 में लोकसभा चुनाव है। जबकि नितिन का कार्यकाल 2028 तक है, जिसे कुछ महीने बढ़ाया जा सकता है। पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा का भी कार्यकाल 2 वर्ष तक बढ़ाया गया था। लोकसभा चुनाव को ध्यान में रख कर नितिन नवीन ने काम भी शुरू कर दिया है। राज्यों को 3 कैटेगरी में बांटा जा रहा है। 2024 के लोस चुनाव में बेहतर परिणाम देने वाले राज्यों को ए, थोड़ा बेहतर को बी और खराब प्रदर्शन वाले राज्यों को सी कैटेगरी में रखा जाएगा।
नई भूमिका के साथ बिहार के विकास के लिए काम करूंगा : नितिन पटना| भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पार्टी में नई भूमिका के साथ ही बिहार के विकास के लिए काम करूंगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार में मंत्री के रूप में लंबे समय तक काम किया। इस दौरान कई फैसले, नीतियों और योजनाओं को लागू करने में सफलता मिली। कार्यकर्ताओं ने भाई, परिवार के सदस्य और अभिभावक के रूप में इस मुकाम तक पहुंचाया है।