3 मंजिला बिल्डिंग गिरी,24 घंटे बाद भी मलबा नहीं हटा:3 मकानों में दरारें, बिजली गुल; परिवार रातें बाहर बिता रहे, प्रशासन ने नहीं ली सुध

कोटा के गुमानपुरा थाना क्षेत्र के घोसी मोहल्ले में मंगलवार दोपहर गिरी तीन मंजिला बिल्डिंग के बाद हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं। घटना के 24 घंटे से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद मलबा नहीं हटाया गया है, जिससे कॉलोनी वासियों में भारी आक्रोश है। बिल्डिंग के पास स्थित दो मकानों की बिजली सप्लाई भी बंद है, जिसके कारण दोनों परिवारों को इस भीषण गर्मी में अपने रिश्तेदारों और पड़ोसियों के यहां शरण लेनी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासन केवल बिल्डिंग गिरने के वक्त मौके पर पहुंचा था, लेकिन इसके बाद किसी अधिकारी या कर्मचारी ने सुध नहीं ली। सड़कों और गलियों में मलबा फैला होने से तीन तरफ के रास्ते पूरी तरह बाधित हो गए हैं।

इस बिल्डिंग को लेकर मालिकाना हक का विवाद भी सामने आया है। यह मकान पहले रेखा बाई किन्नर का था। उनकी मृत्यु के बाद, उनके द्वारा गोद ली गई बेटी ने इस पर अपना दावा जताया है, जबकि रेखा बाई के शिष्यों का कहना है कि यह मकान उनका है। फिलहाल, मलबे के कारण मोहल्ले के लोग भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं।

क्षतिग्रस्त मकानों में रहने को मजबूर परिवार, बांस की बल्लियों का सहारा

पड़ोसी महिला संगीता मेहरा ने बताया कि बिल्डिंग गिरने के कारण उनके मकान में गहरी दरारें आ गई हैं और फॉल्स सीलिंग भी गिर गई है। स्थिति इतनी खतरनाक है कि उन्होंने अस्थायी तौर पर बांस की बल्लियों का सहारा देकर कमरे को गिरने से रोका हुआ है। संगीता के अनुसार, उनका पांच लोगों का परिवार घर के अंदर सोने से डर रहा है और उन्हें रातें बाहर या रिश्तेदारों के यहां बितानी पड़ रही हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि प्रशासन ने केवल गिरी हुई बिल्डिंग का मुआयना किया, लेकिन आसपास के जो मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनकी जांच तक नहीं की गई।

24 घंटे से बिजली गुल, मलबे के बीच मंडरा रहा हादसे का खतरा

कॉलोनी निवासी निम्मी ने बताया कि उनके मकान का बाहरी कमरा पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। गनीमत रही कि उनका भाई हादसे से कुछ समय पहले ही कमरे से बाहर निकला था, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था। क्षेत्र में पिछले 24 घंटों से बिजली सप्लाई ठप है, जिससे भीषण गर्मी में लोगों का जीना मुहाल हो गया है। लोग अंधेरे में ही मलबे के अंदर घुसकर अपना सामान निकालने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे किसी भी वक्त दोबारा मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है।

मालिकाना हक का विवाद और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी

मकान के मालिकाना हक को लेकर मनीषा बाई किन्नर ने बताया कि यह मकान उनके गुरु रेखा बाई का था, जो उन्होंने अपने शिष्यों को सौंपा था। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘आशु’ नाम की महिला ने इस पर अवैध कब्जा कर लिया, जबकि उसे पहले से अलग मकान दिया हुआ था। प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने पर मोहल्ले के लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मलबा हटाकर बिजली बहाल नहीं की गई, तो वे उग्र प्रदर्शन करेंगे और आने वाले चुनाव में मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।