राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि बेगूसराय में उनकी स्मृति को स्थायी स्वरूप प्रदान करने और क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना का सपना साकार होने वाला है।
लंबे समय से की जा रही मांग, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के लगातार प्रयास और बिहार सरकार के संकल्प से जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालय के लिए 15 एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रतिवेदन उच्च शिक्षा विभाग को भेज दिया है।
डीएम ने उच्च शिक्षा विभाग बिहार सरकार के सचिव को जमीन संबंधी प्रतिवेदन भेजा गया है। प्रस्तावित जमीन बरौनी अंचल में एनटीपीसी और सिमरिया नाम के बीच मल्हीपुर मौजा में स्थित गैर-मजरूआ खास बिहार सरकार की जमीन है।
सीएम से मुलाकात कर मांग रखी थी
19 जुलाई को बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बेगूसराय आगमन के अवसर पर गिरिराज सिंह ने उनसे निवेदन किया था। इसके अलावा कई मौकों पर मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर बेगूसराय में राष्ट्रकवि दिनकर की स्मृति में विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री ने इस मांग पर आवश्यक कार्रवाई की बात कही थी।
विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए स्थायी परिसर के निर्माण की प्रक्रिया पूरी होने तक विश्वविद्यालय का शैक्षणिक संचालन शाहपुर स्थित डाइट के भवन से शुरू करने की व्यवस्था की जा रही है। उद्देश्य यह है कि विश्वविद्यालय की स्थापना केवल घोषणा तक सीमित न रहे, बल्कि विद्यार्थियों को शीघ्र ही इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलना शुरू हो।
शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार होगा
जिला प्रशासन की ओर से प्रस्तावित भूमि का नजरी नक्शा संलग्न करते हुए प्रतिवेदन उच्च शिक्षा विभाग को भेज दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग से विधिवत अधियाचना प्राप्त होते ही नियमानुसार भूमि हस्तांतरण और आगे की निर्माण संबंधी प्रक्रिया में तेजी आएगी। इससे क्षेत्र में शैक्षणिक गतिविधियों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए शोध-ज्ञान आधारित नए अवसर सृजित होंगे।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना बेगूसराय की जनता की दीर्घकालिक आकांक्षा है और इसे धरातल पर उतारने के लिए हर स्तर पर प्रतिबद्धता के साथ प्रयास जारी रहेंगे।