पंजाब के CM भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर मान ने कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को लीगल नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने को कहा गया है। नोटिस में कहा गया है कि अगर दोनों ने ऐसा नहीं किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह पूरा मामला हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह के आरोपों से जुड़ा है। जिसमें उन्होंने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत कौर ने एक रेप केस, जिसमें गुर चहल को मुख्य आरोपी बताया गया, को दबाने और एक कारोबारी के खिलाफ मामला रद्द कराने के लिए कथित तौर पर ₹5 करोड़ की मांग की थी।
2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो पोस्ट किया था। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन संबंधित बातचीत है।
इधर, सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि आज मुझे सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर की ओर से एक कानूनी नोटिस मिला है। मैं इस नोटिस का कोई जवाब नहीं दूंगा और उन्हें चुनौती देता हूं कि मेरे खिलाफ मानहानि का केस या उनकी ‘पुलिस स्टेट’ जो भी कार्रवाई कर सकती है, कर ले।
पहले जानिए क्या है पूरा मामला
अगस्त 2026 में सीएम भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व जज रणजीत सिंह ने आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि डॉ. गुरप्रीत ने कथित तौर पर एक रेप के मामले में आरोपी से 5 करोड़ रुपए की मांग की थी, और एक व्यवसायी के खिलाफ दर्ज मामले को रद्द करवाने में मदद करने का प्रस्ताव दिया था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि डॉ गुरप्रीत का एक करीबी रिश्तेदार आरोपी के लगातार संपर्क में था और उसे पैसे देने और अपनी जान बचाने के लिए परेशान कर रहा था।
रिटायर्ड जज को नोटिस भेज चुकीं
23 अगस्त को डॉ. गुरप्रीत कौर ने रिटायर्ड जज रणजीत सिंह को नोटिस भेजते हुए 5 करोड़ रुपए के आरोपों को खारिज किया था। कानूनी नोटिस में रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह से अपने बयान वापस लेने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने को कहा गया था। इसके लिए 24 घंटे की समय-सीमा दी गई थी।
नोटिस में दावा किया गया था कि आरोप लगाने वाले रिटायर्ड जस्टिस रणजीत सिंह कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैहरा के रिश्तेदार हैं। इसमें आरोपों के पीछे राजनीतिक मंशा होने की बात कही गई है।
NHRC ने दो सप्ताह में मांगा था जवाब
अगस्त में ही लीगल राइट्स ऑब्जर्वेटरी (LRO) की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने मामले का संज्ञान लिया था। आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और DGP से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी और दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा था।
मजीठिया ने ऑडियो-वीडियो जारी किए
2 सितंबर को अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की तरफ से सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो-वीडियो शेयर की। मजीठिया ने दावा किया कि इसमें आरोपी से जुड़े कथित बिचौलियों और डॉ. गुरप्रीत कौर के रिश्तेदार के बीच पैसों के लेनदेन, पटियाला जेल में आरोपी को कथित सुविधाएं देने और मुख्यमंत्री आवास में मुलाकात से संबंधित बातचीत है।
कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने 2 सितंबर को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर मजीठिया वाला एक ऑडियो रिकॉर्डिंग का वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब पुलिस के DGP से सवाल किया कि क्या वे 5 करोड़ रुपए मांगने वाले अमरदीप ग्रेवाल के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। खैरा ने दावा किया कि अमरदीप का कथित ऑडियो और डॉ. गुरप्रीत कौर के साथ कथित CCTV फुटेज इस मामले से जुड़े हैं।