श्राद्ध कर रहे परिवार के 5 लोगों की मौत:झांसी में एक को बचाने में सभी नदी में डूबे, मृतकों में बाप-बेटे, भतीजे और भांजे

झांसी में श्राद्ध कर्म के दौरान बड़ा हादसा हो गया। सुखनई नदी में एक ही परिवार के 5 लोग डूब गए। हादसे में बाप-बेटे, भतीजे और भांजे समेत 5 लोगों की मौत हो गई।

चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस गोताखोरों को लेकर मौके पर पहुंची। करीब 30 मिनट तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर पांचों शवों को बाहर निकाला गया। मामला मऊरानीपुर थाना क्षेत्र का मंगलवार दोपहर 12 बजे का है।

कर्मकांड के बाद नदी में पूजा करने उतरे थे

देवीसिंह पुरा में रहने वाले अनूप तिवारी (45) अपने बेटे अर्पित (12), भांजे पुष्कर शुक्ला (23), भतीजे अभिनय तिवारी (26) और श्रेयांश तिवारी (21) के साथ सुखनई नदी के किनारे पिंडदान करने गए थे। पुष्कर जालौन का रहने वाला था। अनूप पूजा करने नदी में उतरे। वह नदी के बीच पहुंचे ही थे कि डूबने लगे।

उनको डूबता देखकर अर्पित, पुष्कर, अभिनय और श्रेयांश उन्हें बचाने के लिए नदी में कूदे। कुछ ही देर में सभी गहरे पानी में डूब गए। पांचों को को डूबता देखकर आसपास मौजूद लोगों में चीख-पुकार मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रानीपुर चौकी और मऊरानीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची।

गोताखोरों ने 30 मिनट तक चलाया रेस्क्यू, एक-एक कर शव निकाले

पुलिस ने गोताखोरों को मौके पर बुलाया और नदी में तलाश शुरू कराई। करीब 30 मिनट तक चले रेस्क्यू में गोताखोरों ने पांचों लोगों को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने सभी को एंबुलेंस से सीएचसी, मऊरानीपुर भेजा। वहां डॉक्टरों ने पांचों को मृत घोषित कर दिया।

सीओ बोले- पिंडदान के लिए आए थे, बचाने में सभी डूबे

मऊरानीपुर सीओ रत्नेश कुमार ने बताया- सुखनई नदी में 5 लोगों के डूबने की सूचना मिली थी। अनूप तिवारी अपने परिजन का पिंडदान करने के लिए नदी पर आए थे। पूजा करने के दौरान वह डूबने लगे।

उन्हें बचाने के लिए साथ आए 4 अन्य लोग भी नदी में उतर गए और सभी डूब गए। आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसडीएम मनोज कुमार भारती ने बताया कि प्रशासन की ओर से मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 24 से 48 घंटे में परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।