लुधियाना में गुरुद्वारे में फायरिंग करने वाले शूटर की मौत:पुलिस कस्टडी में पूछताछ के बाद तबीयत बिगड़ी, सीने में दर्द उठने के बाद दम तोड़ा

लुधियाना में गुरुद्वारा मंजी साहिब में गोली चलाने वाले शूटर राज सिंह उर्फ राजू की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई। राजू को पुलिस ने कुछ दिन पहले गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ चल रही थी।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस राजू से पूछताछ कर रही थी। इसके बाद अचानक उसके सीने में दर्द हुआ। पुलिस उसे अस्पताल लेकर गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

अभी तक उसकी मौत का कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है। घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है। राजू मूल रूप से फिरोजपुर के गांव नूरपुर माछीवाड़ा का रहने वाला था।

  • 28 अक्टूबर तड़के की थी गुरुद्वारा साहिब में फायरिंग: मामला 28 अक्टूबर तड़के करीब 3:15 बजे का है। सुधार के गांव राजोआणा कलां स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा मंजी साहिब में मोटरसाइकिल सवार 2 नकाबपोश हमलावरों ने मुख्य सेवादार संत बाबा बलदेव सिंह के रिहायशी कमरे पर गोलियां चलाई थीं।
  • बाबा बलदेव सिंह बाथरूम में नहा रहे थे: एक गोली शीशे और लकड़ी के दरवाजे को चीरती हुई दीवार में जा धंसी। उस समय बाबा बलदेव सिंह बाथरूम में नहा रहे थे और बाल-बाल बच गए। गुरुद्वारे के हेड ग्रंथी ने बताया था कि युवकों ने माथा टेकने आने की बात कही थी।
  • विदेशी नंबर से दी थी जान से मारने की धमकी: पुलिस जांच में विदेशी इंटरनेट नंबर से जान से मारने की धमकियां देने और कथित तौर पर फिरौती मांगने की बात सामने आई थी। पुलिस के मुताबिक मांग पूरी न होने पर बाबा की गतिविधियों पर नजर रखकर वारदात को अंजाम देने की साजिश रचे जाने का आरोप है।
  • CCTV फुटेज खंगालने के बाद गिरफ्तार किया: पुलिस ने करीब 200 किलोमीटर के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने, साइबर जांच और खुफिया सूचनाओं के आधार पर फिरोजपुर में दबिश देकर राजू को गिरफ्तार किया था। गुरदासपुर के दो अन्य संदिग्धों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लेने की जानकारी सामने आई थी।

SHO बोले- पहले 2 अस्पतालों में लेकर गए

थाना सुधार के SHO रविंदरपाल सिंह का कहना है कि सोमवार रात रक्तचाप कम होने की शिकायत के बाद उसे पहले सुधार के सरकारी और निजी अस्पतालों में ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे लुधियाना के ग्लोबल हार्ट अस्पताल रेफर किया गया, जहां उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत के असली कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही लगेगा।