बिहार में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक, लंबित नियुक्तियों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आज छात्र-अभ्यर्थी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। यह विरोध-प्रदर्शन पटना के गांधी मैदान स्थित गेट नंबर 10 से शुरू होगा।
प्रदर्शन के जरिए छात्र-युवा सरकार और विभिन्न भर्ती आयोगों के सामने अपनी 10 सूत्री मांगें रखेंगे। इनमें बिहार पुलिस दरोगा भर्ती रद्द करने, 70वीं BPSC परीक्षा की उच्चस्तरीय जांच कराने, पेपर लीक के आरोपों की जांच और वर्षों से लंबित भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराने जैसी मांगें शामिल हैं।
‘सरकार सिर्फ आश्वासन दे रही है’
छात्र नेताओं का कहना है कि परीक्षा विवाद, भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं और नियुक्तियों में देरी से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से केवल आश्वासन देने के बजाय मांगों पर ठोस कार्रवाई करने की मांग की है।
छात्र-अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर नारा दिया है- ‘अब आश्वासन नहीं, ठोस जवाब चाहिए। अब अनियमितता नहीं, पारदर्शिता चाहिए। तारीख पर तारीख नहीं, समय पर परीक्षा और नियुक्ति चाहिए।’
दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द किए जाने का विरोध
इससे पहले 29 अक्टूबर 2026(गुरुवार) को 1799 पदों वाली दरोगा भर्ती की मेंस परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थी सड़क पर उतरे थे। प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से हुई थी, जहां दरोगा के सफल अभ्यर्थी लोक सेवक आवास घेरने निकले थे। हालांकि प्रशासन ने इन्हें डाकबंगला पर रोक दिया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले 1 महीने से गर्दनीबाग धरना स्थल पर अपनी मांगों को लेकर बैठे हैं, लेकिन अब तक उनकी बात नहीं सुनी गई है।