माफिया मुख्तार अंसारी के बेटे उमर का रिसेप्शन सोमवार को दिल्ली में हुआ। इसमें AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी, सांसद इमरान मसूद, धर्मेंद्र यादव समेत कई बड़े नेता पहुंचे। पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और कपिल सिब्बल ने उमर और उनकी पत्नी को आशीर्वाद दिया।
रेड कोट पहने उमर, पत्नी का हाथ पकड़कर स्टेज तक ले गए। वहां इमरान प्रतापगढ़ी ने उमर अंसारी को बुके दिया। ओवैसी ने भी स्टेज पर आशीर्वाद दिया। इसके अलावा इरफान सोलंकी भी पत्नी नसीम के साथ पहुंचे। इरफान सोलंकी और इमरान मसूद ठहाके लगाते नजर आए।
सांसद इकरा हसन अपने भाई नाहिद हसन के साथ पहुंचीं। प्रिया सरोज और नसीम सोलंकी ने साथ में फोटो खिंचवाई। रिसेप्शन में आए मेहमानों का स्वागत गाजीपुर से सपा सांसद अफजाल अंसारी ने किया।
रिसेप्शन के आयोजन की जिम्मेदारी उमर के बड़े भाई अब्बास अंसारी और भाभी निकहत अंसारी ने निभाई। बिहार के बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे और नव-निर्वाचित विधायक ओसामा भी मौजूद थे। निकाह 15 नवंबर को दिल्ली के ही अशोक लॉन में हुआ था।
उमर अंसारी मां के फर्जी साइन मामले में 30 अक्टूबर को कासगंज जेल से रिहा हुए थे। 3 अगस्त को उमर को लखनऊ से गिरफ्तार किया गया। 23 अगस्त को सुरक्षा कारणों का हवाला देकर अचानक उनकी जेल बदल दी। उमर को गाजीपुर से कासगंज भेजा गया। बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली थी।
पत्नी को पिता की फोटो दिखाकर भावुक हो गए थे उमर
निकाह में परिवार के चुनिंदा लोग ही शामिल हुए। पूरे आयोजन को निजी रखा गया था। मेहमानों को भी शादी की बात बताने से मना किया गया था। लोगों ने तस्वीरें सोशल मीडिया पर डालीं तो निकाह की बात सामने आई। सूत्रों के मुताबिक, निकाह के दौरान उमर पिता मुख्तार को याद कर भावुक हो गए।
स्टेज पर पत्नी को पिता की तस्वीर दिखाई। मां अफशां अंसारी भी निकाह में शामिल नहीं हो पाई, क्योंकि उन पर 1 लाख का इनाम है। साथ ही आजीवन वारंट भी जारी है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। उमर के निकाह की पूरी जिम्मेदारी उमर के बड़े भाई अब्बास अंसारी और भाभी निकहत अंसारी ने निभाई।
गाजीपुर के कारोबारी की नातिन है दुल्हन
बताया जा रहा है कि दुल्हन गाजीपुर के मुहम्मदाबाद के रहने वाले मलिक मियां की नातिन है। मलिक मियां कारोबारी हैं। उनका पूरा परिवार वहीं रहता है। चर्चा है कि उमर और उनकी पत्नी फातिमा एक-दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों की रजामंदी के चलते रिश्ता तय हुआ है।
जानिए वह मामला, जिसमें उमर जेल में बंद थे
मामला मुख्तार अंसारी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। इसमें पुलिस ने 10 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी कुर्क की थी, जिसे छुड़ाने के लिए कोर्ट में अपील की गई। इस मामले में अफशां अंसारी की तरफ से प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। कोर्ट ने इस पर शासकीय अधिवक्ता से रिपोर्ट मांगी।
शासकीय अधिवक्ता ने 11 जुलाई 2025 को संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसमें पता चला कि याचिका के साथ लगे दस्तावेजों पर अफशां अंसारी के हस्ताक्षर संदिग्ध हैं। मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन की पार्टनरशिप डीड पर मौजूद अफशां के हस्ताक्षर याचिका वाले दस्तावेजों से पूरी तरह अलग पाए गए।
शासकीय अधिवक्ता ने रिपोर्ट में बताया कि अफशां वर्तमान में एक लाख की इनामी है। गाजीपुर और मऊ पुलिस ने उस पर 50-50 हजार का इनाम घोषित कर रखा है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी है। ऐसे में उसके द्वारा सीधे अदालत में याचिका दाखिल करना संदेह से परे नहीं था।
मामले की जांच के बाद थाना मुहम्मदाबाद में उमर अंसारी और वकील लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने 3 अगस्त को लखनऊ से उमर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उमर और उसके वकील की जमानत के लिए परिवार ने अलग-अलग याचिका दायर की। 21 अगस्त को कोर्ट ने उमर अंसारी की और 22 अगस्त को वकील लियाकत अली की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद लखनऊ से उमर की गिरफ्तारी हुई थी।