खिलाड़ी अन्नू रानी-साहिल मैरिज हर्ष फायरिंग केस:रोहतक से बरामद हुई राइफल; वरमाला में किए थे फायर, लाइसेंस कैंसिल करने की सिफारिश

हरियाणा के रोहतक के किक बॉक्सर साहिल भारद्वाज और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी अन्नू रानी द्वारा मेरठ में अपनी शादी में की गई हर्ष फायरिंग में इस्तेमाल राइफल को पुलिस ने बरामद कर लिया है। जिस राइफल से हर्ष फायरिंग की गई थी, वो लाइसेंसी है और वह रोहतक से ही बरामद की गई। मेरठ पुलिस द्वारा प्रशासन से लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश की जाएगी। लाइसेंस के निरस्तीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

बताया गया है कि हथियार लाइसेंस कैंसिलेशन के लिए पुलिस की तरफ से रोहतक डीएम को पत्र भेजा जाएगा। बता दें कि 18 नवंबर को मेरठ में अन्नू रानी उनके पति साहिल भारद्वाज ने अपनी शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग की थी। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने अन्नू रानी और साहिल भारद्वाज के खिलाफ मेरठ के सरधना थाने में मुकदमा दर्ज किया है। जिसकी अब जांच हो रही है।

अब जानिए क्या था मामला

मेरठ की इंटरनेशनल भालाफेंक खिलाड़ी और हरियाणा रोहतक की बहू अन्नू रानी की 18 नवंबर की रात मेरठ के द गॉड्स पैलेस रिसोर्ट में शादी थी। यहां रोहतक से किक बॉक्सर साहिल भारद्वाज बारात लेकर परिवार संग पहुंचे थे। अन्नू-साहिल ने इसी रिसोर्ट में सात फेरे लिए। जयमाला के बाद दूल्हा-दुल्हन बने दोनों खिलाड़ियों ने स्टेज से हर्ष फायरिंग कर दी थी। राइफल से न्यूली वेड कपल ने हर्ष फायरिंग कर दिया।

हर्ष फायरिंग पूरी तरह बैन

हर्ष फायरिंग करते हुए इसका वीडियो भी शूट कराया। बाद में ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। बता दें कि हर्ष फायरिंग पूरी तरह बैन है। इसके बावजूद ओलंपियन खिलाड़ी ने स्टेज से सबके सामने हर्ष फायरिंग कर वीडियो शूट कराया। वीडियो वायरल होने के बाद सरधना थाना पुलिस की ओर से वायरल वीडियो के आधार पर अन्नू उनके पति साहिल पर मुकदमा लिखा गया है।

राइफल जब्त

जांच मे पता चला कि जिस राइफल से फायर किया वो लाइसेंसी है। पुलिस ने 20 नवंबर को राइफल जब्त कर ली है। अब पुलिस राइफल के लाइसेंस कैंसिलेशन की प्रक्रिया शुरू करेगी। पुलिस ने हवाई फायरिंग में प्रयुक्त लाइसेंसी बंदूक को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया। सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि हर्ष फायरिंग कानूनन प्रतिबंधित है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

  • गन्ने का भाला बनाकर फेंकना शुरू किया: मेरठ के बहादुरपुर निवासी अनु रानी का जन्म 28 अगस्त 1992 को किसान परिवार में हुआ। शुरू में खेत में ही गन्ने का भाला बनाकर फेंकना शुरू किया। उनके भाई उपेंद्र ने उनकी ताकत को पहचाना और इस खेल में जाने के लिए प्रेरित किया। गांव के माहौल के कारण उनका खेल में जाना कुछ लोगों को खटकता भी था। उनके पिता अमरपाल सिंह ने उन्हें खेलने की इजाजत नहीं थी। चोरी छिपे प्रयास किया और बाद में अपने पिता को भी मनाया।
  • शुरुआत में ही तोड़ा राष्ट्रीय रिकॉर्ड: 2014 में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़कर अनु रानी ने भाला फेंक में अपने शानदार करियर की शुरुआत की। वह 2019 में पहली बार विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला भाला फेंक के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला थी। अनु रानी ने बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में कांस्य पदक जीता और इस स्पर्धा में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला भाला फेंक खिलाड़ी बनीं।
  • अनु के लिए असाधारण रहा साल 2023: 2023 में, अनु रानी ने हांगझोऊ में हुए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और अपने करियर के शिखर पर पहुंच गईं। दुनिया की सर्वश्रेष्ठ भाला फेंक खिलाड़ियों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया। अनु रानी 2024 के पेरिस ओलिंपिक के लिए योग्यता के आधार पर क्वालीफाई नहीं कर पाईं, लेकिन रैंकिंग कोटा के माध्यम से उन्हें वहां स्थान मिला।
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