तिलक ने हाथ में वर्ल्डकप ट्रॉफी लेकर ब्रश किया:सूर्या का 500 साल पुरानी बावड़ी में फोटोशूट, सिराज ने 7 नंबर की जर्सी पर लिखा-BELIEVE

टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के जश्न के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। कप्तान सूर्यकुमार यादव गुजरात के गांधीनगर स्थित 500 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी अडालज नी वाव में ट्रॉफी के साथ फोटोशूट करते नजर आए।

वहीं तिलक वर्मा हाथ में वर्ल्डकप ट्रॉफी लेकर ब्रश करते दिखे, जबकि मोहम्मद सिराज की जर्सी के 7 नंबर पर ‘BELIEVE’ लिखा नजर आया। भारत ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर लगातार दूसरी और ओवरऑल तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया।

भारतीयों का सपना- सूर्या

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंस्टाग्राम पर ट्रॉफी के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा कि यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक अरब भारतीयों का सपना है। उन्होंने टीम पर गर्व जताया और समर्थन देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद कहा।

वर्ल्ड चैंपियन बनना बचपन का सपना था- तिलक

तिलक वर्मा ने भी पोस्ट कर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि वर्ल्ड चैंपियन बनना उनके बचपन का सपना था और इस टीम का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। तिलक ने ट्रॉफी के साथ एक खास वीडियो भी शेयर किया, इसमें वे ब्रश करते नजर आए।

कप्तान सूर्या चैंपियन बनने के बाद हनुमान मंदिर पहुंचे

रविवार को फाइनल मैच के बाद सूर्यकुमार यादव देर रात वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा की। इस दौरान ICC चेयरमैन जय शाह और टीम के हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके साथ थे।

सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया

भारत के विकेटकीपर बैटर संजू सैमसन भारत के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए। उन्होंने टीम के लिए लगातार 3 मैचों में फिफ्टी लगाई। सैमसन ने बैटिंग के लिए चैलेंजिंग पिच पर नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर भारत को फाइटिंग टोटल तक पहुंचाया। इतना ही नहीं, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 89-89 रनों की पारी खेली। वे इस टूर्नामेंट में भारत के टॉप स्कोरर रहे। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

15वां शताब्दी में बना था अडालज नी वाव

अडालज नी वाव गुजरात के गांधीनगर के पास स्थित एक ऐतिहासिक बावड़ी है, जिसे 15वीं शताब्दी में बनवाया गया था। यह पांच मंजिला गहरी संरचना अपनी बारीक नक्काशी, स्तंभों और इंडो-इस्लामिक वास्तुकला के शानदार मिश्रण के लिए प्रसिद्ध है। उस समय इसे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए पानी का मुख्य स्रोत और विश्राम स्थल के रूप में बनाया गया था। आज यह गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और अपनी खूबसूरत वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है।

संजू सैमसन होमटाउन पहुंचे

टी-20 वर्ल्ड कप विजेता टीम के खिलाड़ी अपने-अपने घर लौटने लगे हैं। प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन त्रिवेंद्रम पहुंच गए हैं। केरल के मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। संजू ने पहुंचने के बाद कहा कि यह नतीजा आपकी दुआओं की वजह से है। मैं इसे एक बड़ी जिम्मेदारी मानता हूं। आप सभी ने मेरा बहुत साथ दिया है।