शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि शिक्षा के मंदिर में सभी वर्गों का समान अधिकार है। यहां कोई ऊंचा या नीचा नहीं होता। समाज के पिछड़े और दलित वर्गों को मुख्यधारा में साथ लेकर चलें।
उन्होंने कहा- गाय काटकर खाने वाले लोग हमारे साथ मंच पर बैठते हैं, और भगवान राम और गंगा माता को मानने, भारत माता की पूजा करने वाला व्यक्ति हमसे दूरी बढ़ाता है। इससे दोगला आदमी कोई नहीं हो सकता।
शिक्षा मंत्री ने ये बातें कोटा में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के अनावरण समारोह में कही।
दिलावर ने कहा- समाज को एकजुट करके चलो। तभी हमारा देश समृद्ध होगा और आगे बढ़ेगा, नहीं तो देश कभी भी टूट जाएगा।
विदेशी शक्तियां हमको तोड़ने में लगी हैं
शिक्षा मंत्री ने कहा- जिन्हें हम अनुसूचित जाति कहते हैं। ये वह लोग हैं जो तलवार की धार के सामने भी अडिग रहे और हिंदुत्व को मजबूत किया। उन्होंने कहा- विदेशी शक्तियां हैं, जो हमको तोड़ने में लगी हैं। हमको बहका रही हैं। हमें आपस में लड़ा रही हैं। इनके बहकावे में मत आओ।
दिलावर ने कहा- गाय का मांस खाने वालों ने तलवार की धार पर हमें धर्मांतरण के लिए मजबूर किया, लेकिन हमारे ये लोग डटे रहे। मरना मंजूर किया, लेकिन अपना धर्म नहीं छोड़ा। आज भी हमें एकजुट रहने की जरूरत है। जात-पात का भेद मिटाओ।
स्वामी विवेकानंद ने पूरी दुनिया में हिंदुत्व का डंका बजाया
दिलवार ने कहा- स्वामी विवेकानंद ने शिकागो जाकर पूरी दुनिया में हिंदुत्व का डंका बजाया। हमने विवेकानंद जी की मूर्ति का अनावरण किया है। यह मूर्ति केवल माला पहनाने या विवेकानंद जयंती मनाने के लिए नहीं बल्कि हमें विवेकानंद जी के जीवन से प्रेरणा लेने के लिए है। अपने आप को हिंदू कहना सांप्रदायिकता नहीं, हिंदू होना गर्व की बात है।