क्या ईपीसीएच यानी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल फॉर हैंडीक्राफ्ट के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है? ये सवाल इसलिए उठा क्योंकि ईपीसीएच के चेयरमैन नीरज खन्ना के इस्तीफे की एक कॉपी सामने आई है। यूपी सरकार के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के करीबी नीरज खन्ना ने ईपीसीएच में चेयरमैनशिप और ईपीासीएच में अपने सीओए (कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव) मेंबरशिप, दोनों से एक साथ इस्तीफा दे दिया। लेकिन बाद में इस इस्तीफे को वापस ले लिया गया। अब ईपीसीएच इस पूरे मामले पर पर्दा डालने की कोशिशों में है। ईपीसीएच के चेयरमैन नीरज खन्ना मुरादाबाद के रहने वाले हैं और मुरादाबाद में नोदी एक्सपोर्टस के नाम से एक्सपोर्ट यूनिट रन करते हैं। पिछले करीब एक दशक से ईपीसीएच की पॉलिटिक्स में सक्रिय हैं और लगातार सीओए मेंबर चुने जाते रहे हैं। बता दें कि कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव के मेंबर्स का चुनाव ईपीसीएच में रजिस्टर्ड निर्यातक वोट देकर करते हैं। इसके बाद चुने हुए मेंबर्स ईपीसीएच चेयरमैन का चुनाव करते हैं। इस बार यह सीट मुरादाबाद के हिस्से में आई है। नीरज खन्ना को ईपीसीएच का चेयरमैन चुना गया था।
नीरज खन्ना ने इस्तीफा क्यों दिया? इसकी वजह क्या थी ? और फिर उन्होंने किन सूरतों में इस्तीफा वापस लिया, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामला ईपीसीएच में किसी कर्मचारी से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, बार-बार कोशिश करने के बाद भी नीरज खन्ना इस मामले में अपना रिएक्शन देने के लिए उपलब्ध नहीं हुए हैं।
नीरज खन्ना ने अपना इस्तीफा EPCH के ईडी (एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर) को भेजा था। इसलिए हमने पूरे मामले का सच पता करने के लिए ईपीसीएच के ईडी राजेश रावत से बात की। ईपीसीएच चेयरमैन के इस्तीफे की वजह के बारे में पूछे गए सवाल पर ईडी ने कहा- मुझे इसका आइडिया नहीं है। उन्होंने इस बारे में बार-बार सवाल करने पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।