PSL-बॉल टैम्परिंग में फखर जमान पर दो मैच का बैन:लाहौर के कप्तान शाहीन पर फाइन, होटल में चार लोगों को ले जाने की कोशिश

पाकिस्तान के ओपनर फखर जमान पर पाकिस्तान सुपर लीग (PSL) में बॉल टैम्परिंग के मामले में दो मैच का बैन लगाया गया है। यह फैसला लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के मैच के बाद लिया गया।

मंगलवार की सुबह लाहौर कलंदर्स के कप्तान शाहीन शाह अफरीदी पर भी टीम ने सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के मामले में फाइन लगाया है। फ्रेंचाइजी ने अफरीदी पर 10 लाख पाकिस्तानी रुपए (लगभग 3600 डॉलर) का फाइन लगाया।

शाहीन ने बिना अनुमती चार लोगों को टीम होटल के कमरे में ले जाने की कोशिश की थी। पाकिस्तान के पंजाब पुलिस के मुताबिक, अफरीदी और उनके साथी खिलाड़ी सिकंदर रजा ने बिना अनुमति चार लोगों को होटल के कमरे में ले जाने की कोशिश की।

मैच रेफरी ने सजा दी

PSL ने बयान जारी कर बताया कि फखर जमन को प्लेयर कोड ऑफ कंडक्ट के आर्टिकल 2.14 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। यह लेवल-3 का ऑफेंस है। मैच रेफरी रोशन महानामा ने सभी सबूत देखने के बाद यह फैसला सुनाया।

क्या है पूरा मामला

लाहौर कलंदर्स और कराची किंग्स के बीच खेले गए इस मुकाबले में विवाद 19वें ओवर के बाद शुरू हुआ। उस समय कराची को आखिरी ओवर में 14 रन चाहिए थे। फखर जमन को पेसर हारिस रउफ और कप्तान शाहीन शाह अफरीदी के साथ बातचीत करते देखा गया। इसके बाद अंपायर ने गेंद चेक की।

जांच के बाद अंपायर ने माना कि गेंद की स्थिति जानबूझकर बदली गई है। इसके चलते लाहौर टीम पर 5 रन की पेनल्टी लगाई गई और गेंद बदल दी गई। इस फैसले के बाद कराची को आखिरी ओवर में 9 रन की जरूरत रह गई।

सिकंदर रजा पर कोई कार्रवाई नहीं

इस मामले में सिकंदर रजा पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। रजा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस घटना की जिम्मेदारी खुद लेते हुए अफरीदी को बचाने की कोशिश की। फ्रेंचाइजी ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सभी सुरक्षा नियमों का सम्मान करती है और भविष्य में ऐसे मामलों से बचने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।

मेहमानों ने कमरे में लगभग तीन घंटे बिताए

पंजाब पुलिस के मुताबिक, इन मेहमानों ने खिलाड़ियों के कमरे में लगभग तीन घंटे बिताए, जबकि सुरक्षा नियमों के तहत किसी भी बाहरी व्यक्ति का इस तरह प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। हालांकि, सिकंदर रजा का दावा था कि मेहमान केवल 40 मिनट के लिए रुके थे। पुलिस द्वारा जारी पत्र में कहा गया कि दोनों खिलाड़ियों ने सुरक्षा अधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी की, जो खिलाड़ियों और टीम की सुरक्षा के लिए बनाए गए थे।