KGMU के डॉक्टर पर मरीज से छेड़छाड़ का आरोप:महिला बोली- जांच के दौरान अभद्र और आपत्तिजनक हरकत की, जांच का आदेश

KGMU लखनऊ के यूरोलॉजी विभाग में एक महिला मरीज ने अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान डॉक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। पीड़िता के अनुसार, जांच के दौरान डॉक्टर का व्यवहार असहज और आपत्तिजनक था, जिस पर विरोध करने पर भी स्थिति नहीं बदली।

महिला का कहना है कि जांच के लिए कमरे में कोई महिला स्टाफ मौजूद नहीं था। डॉक्टर ने प्रक्रिया के दौरान आपत्तिजनक हरकत की। इसके बाद वह कमरे से बाहर निकली और घरवालों को पूरी बात बताई। KGMU प्रशासन का कहना है कि आरोपों की जांच की जा रही है।

चीखते हुए कमरे से बाहर आई महिला

कुछ समय बाद अल्ट्रासाउंड जांच का नंबर आया। महिला ने कहा कि यहां कोई महिला स्टाफ नहीं है तो डॉक्टर ने कहा कि यहां हम लोग ही जांच करते हैं। डॉक्टर ने जल्दी लेटने की बात कही। फिर डॉक्टर ने जांच शुरू की। महिला मरीज का आरोप है कि डॉक्टर ने जांच के बहाने छेड़छाड़ शुरू कर दी। मरीज चीखते-चिल्लाते हुए बाहर निकली। महिला ने शिकायत करने की बात कही।

विभाग के अध्यक्ष से शिकायत, पर अब तक टीम गठित नहीं

पीड़ित महिला ने यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अपुल गोयल को लिखित शिकायत की है। डॉ. गोयल का कहना है कि पीड़िता के आरोपों की जांच की जा रही है। प्रॉक्टर कार्यालय को भी मामले से अवगत करा दिया गया है। अल्ट्रासाउंड यूनिट के आरोपी डॉक्टर और अन्य कर्मचारियों के भी बयान लिए जाएंगे। हालांकि, शिकायत के कई दिन बीतने के बाद भी अभी तक जांच कमेटी तक गठित नहीं गई है।

अल्ट्रासाउंड में आयुष डॉक्टर कर रहा जांच

यूरोलॉजी विभाग में अल्ट्रासाउंड जांच आयुष का डॉक्टर कर रहा है। करीब 10 साल से आयुष डॉक्टर मरीजों की जांच कर रहे हैं। जबकि, रिपोर्ट पर दस्तखत रेडियोलॉजी विभाग के रेजिडेंट कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ रेडियोलॉजी विभाग में नियमित और रेजिडेंट डॉक्टरों की लंबी चौड़ी फौज है। इसके बावजूद आयुष विधा के डॉक्टर से जांच कराई जा रही है। जांच संदेह के घेरे में है।

KGMU प्रशासन ने दिया ये तर्क

अस्पताल प्रशासन का कहना है कि संबंधित डॉक्टर लंबे समय से कार्यरत हैं और उनके खिलाफ पहले इस तरह की कोई शिकायत सामने नहीं आई है। हालांकि, इस घटना के बाद पूरे मामले की जांच के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस घटना के बाद अस्पताल में मरीजों की सुरक्षा और जांच प्रक्रियाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।