पंजाब में पिछले दिनों हुई बारिश से फसलों को काफी नुकसान हुआ है। इसका जायजा लेने के लिए आज केंद्र की टीम पंजाब का दौरा करेगी। टीमें में 9 मेंबर शामिल रहेंगे। जबकि केंद्रीय उपभोक्ता मामले एवं खाद्य मंत्रालय के डिप्टी डायरेक्टर पीके. सिंह के नेतृत्व में यह टीम भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ प्रभावित जिलों में जाएगी ।
साथ ही गेहूं के सैंपल लिए जाएंगे। माना जा रहा है कि इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा कोई फैसला लिया जाएगा। हालांकि पंजाब सरकार मांग कर चुकी है कि खरीद नियमों में छूट दी जाए। उनकी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल से कम पर न बिके। इससे पहले केंद्र राजस्थान को दे चुका है
1.30 लाख एकड़ फसल बर्बाद हुई
राज्य में लगभग 1.30 लाख एकड़ क्षेत्र में खड़ी फसल बुरी तरह प्रभावित हुई है, जबकि लाखों एकड़ में गुणवत्ता खराब होने की आशंका है। मंडियों में आ रही गेहूं में नमी की मात्रा निर्धारित 12 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत तक दर्ज की जा रही है और प्रारंभिक जांच में 60 प्रतिशत तक लस्टर लॉस पाया गया है।
इस मामले को लेकर सीएम भगवंत मान ने दिल्ली जाकर केंद्रीय खाद्य मंत्री प्रह्लाद जोशी के साथ दिल्ली में मुलाकात की थी। उन्होंने इस दौरान मांग की थी खरीद नियमों में छूट दी जाए। हालांकि पंजाब सरकार की तरफ से स्पेशल गिरदावरी भी करवाई जा रही है।
राजस्थान को मिल चुकी है राहत
राजस्थान में अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में हुई ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्र सरकार की टीमें 9 अप्रैल 2026 तक प्रदेश के प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर चुकी हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री के अनुसार, राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों में लगभग 2.49 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई है, जिसमें गेहूं, सरसों, ईसबगोल और जीरा जैसी फसलों को भारी क्षति पहुंची है।
राहत के तौर पर केंद्र सरकार ने रबी सीजन 2026-27 के लिए गेहूं खरीद के मानकों में बड़ी ढील दी है। अब 50% तक चमकहीन (लुस्टर लॉस) गेहूं और 15% तक टूटे या सिकुड़े दानों वाले गेहूं को भी सरकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जा सकेगा।