लखनऊ विश्वविद्यालय में अब एस्ट्रोफिजिक्स (खगोल भौतिकी) जैसे आधुनिक विज्ञान की पढ़ाई शुरू होने जा रही है। LU प्रशासन का दावा है कि UG स्तर पर कंप्यूटेशनल एस्ट्रोफिजिक्स की पढ़ाई शुरू करने वाला यह देश का पहला सरकारी विश्वविद्यालय बनने जा रहा है। इसके अलावा सेल्फ फाइनेंस कोर्स के शिक्षकों को न्यूनतम 57 हजार 700 वेतन के प्रस्ताव पर मुहर लगी हैं।
एस्ट्रोफिजिक्स खगोल विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें स्टूडेंट्स तारों, ग्रहों, आकाशगंगाओं, ब्लैक होल और अन्य आकाशीय पिंडों की संरचना और उनके भौतिक लक्षणों का अध्ययन करते हैं। अब तक ऐसे पाठ्यक्रम भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, भारतीय विज्ञान संस्थान, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान व अशोका विश्वविद्यालय जैसे चुनिंदा संस्थानों में ही उपलब्ध थे। LU कार्य परिषद की बैठक में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध और शिक्षकों को UGC प्रशासनिक सुधार को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। इनमें सेल्फ फाइनेंस पाठ्यक्रमों में चयनित शिक्षकों को अब UGC वेतनमान के प्रवेश स्तर 57,700 रुपये पर रखने के अलावा एमएससी इन वाइल्डलाइफ साइंसेज पाठ्यक्रम भी शुरू किया जाएगा, जो किसी भी विषय के UG के लिए खुला रहेगा। LU के सभी संस्थानों को संबंधित संकायों से जोड़ने का निर्णय लिया गया।
LLB स्टूडेंट्स के लिए स्कॉलरशिप
इसके अलावा तीन वर्षीय एलएलबी पाठ्यक्रम के छात्रों के लिए एक नए पदक और एक लाख रुपये की वार्षिक छात्रवृत्ति की स्थापना को मंजूरी दी गई। यह पहल लक्ष्मी सिंह की ओर से अपने पिता स्वर्गीय इंद्र देव सिंह की स्मृति में की गई है। बैठक में AI स्टीयरिंग समिति और संस्थागत नैतिकता समिति के गठन को भी मंजूरी दी गई। पीएम उषा के तहत दो सदस्यों को बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में शामिल किया गया।