अमेरिका-ईरान के बीच पिछली शांति वार्ता बेनतीजा रहने के बाद से ही अगली बैठक के लिए कोशिशें तेज कर दी गई हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से ही शांति वार्ता को लेकर तैयार होने के कोई ठोस संकेत नहीं मिले हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान ने चीन की सलाह लेकर पश्चिम एशिया संघर्ष को रोकने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और चीनी समकक्ष वांग यी के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण टेलीफोनिक वार्ता हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संघर्ष को फिर से भड़कने से रोकने और संघर्ष विराम की मुश्किल से हासिल की गई स्थिति को बनाए रखने की कोशिशों पर जोर दिया।
चीन के विदेश मंत्री से बातचीत के बाद क्या बोला पाकिस्तान?
बातचीत में चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने पाकिस्तान के शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के प्रयासों की सराहना की। उप-प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाल रहे डार ने क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को बढ़ावा देने की पाकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई।
वहीं, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने उम्मीद जताई है कि ईरान और अमेरिका के बीच वार्ता का अगला दौर शीघ्र ही होने की संभावना है। उन्होंने राहत जताते हुए कहा कि हाल ही में हुई बातचीत के बाद कोई नकारात्मक घटनाक्रम सामने नहीं आया है, जो एक सकारात्मक संकेत है।
सब अल्लाह के हाथ में है : रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने सोमवार को संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुएकहा कि बातचीत के बाद संतुष्टि की भावना थी, क्योंकि अब तक कोई नकारात्मक घटनाक्रम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि केवल सकारात्मक प्रगति देखी गई है, जो दर्शाता है कि कूटनीतिक प्रयास रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
जब उनसे पूछा गया कि क्या पाकिस्तान पश्चिम एशिया क्षेत्र के भविष्य को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएगा, तो आसिफ ने कहा कि आखिरी फैसला अल्लाह के हाथ में हैं। 11-12 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक बातचीत चली थी। हालांकि, पाकिस्तान में हुई इन वार्ताओं के बाद दोनों पक्ष दुश्मनी भुलाकर किसी स्थायी शांति समझौते को हासिल करने में विफल रहे।
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