जयपुर में पत्रकारों का मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच:पुलिस ने शहीद स्मारक पर ही रोका; 19वें दिन आश्वासन के बाद धरना खत्म

प्रदेश में पत्रकारों की आजीविका पर कथित प्रशासनिक कार्रवाई, झूठे मुकदमों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में इंडियन फेडरेशन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट (आईएफडब्ल्यूजे) के बैनर तले शहीद स्मारक पर चल रहा धरना गुरुवार को 19वें दिन खत्म हुआ।

प्रदेशभर से सैकड़ों पत्रकार शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए ‘हल्ला बोल’ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा एक वरिष्ठ पत्रकार की आजीविका पर बुलडोजर कार्रवाई और प्रदेश में बढ़ते झूठे मुकदमों का विरोध रहा। पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर सीधा प्रहार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।

विधायक गोपाल शर्मा पत्रकारों से मिले

इस दौरान सिविल लाइंस विधायक गोपाल शर्मा धरनास्थल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से संवाद किया। उन्होंने संगठन के पदाधिकारियों को आश्वस्त किया कि वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के समक्ष उठाकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने का प्रयास करेंगे।

धरने के बाद बड़ी संख्या में पत्रकार मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने के लिए आवास की ओर रवाना हुए, लेकिन शहीद स्मारक के बाहर पुलिस ने बेरिकेडिंग कर उन्हें रोक लिया। आगे बढ़ने की कोशिश करने पर कई पत्रकारों को हिरासत में लेकर शिप्रा पथ थाना ले जाया गया, जहां उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई।

ये रहे शामिल

धरने में सलाहकार शंकर नागर, विष्णु दत्त शर्मा, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य दिनेश बोहरा, सांवलदान रत्नू ,चूरू से मुरलीधर बोचीवाल, किशन उपाध्याय, अमित तिवारी, नागौर से प्रकाश तंवर, जालोर से डूंगर सिंह मालावत, जिलाध्यक्ष भरतपुर उमेश लवानिया, सवाईमाधोपुर से राजेश शर्मा, करौली डीडी सारस्वत, जोधपुर लक्ष्मण मोतीवाल, हनुमानगढ़ राजू रामगडिया, बूंदी भवानी सिंह हाड़ा, जगदीश प्रजापत, टोंक अभिषेक शर्मा, अजमेर आनंद शर्मा, मनोज गुर्जर, दिनेश जांगिड़, जैसलमेर गणपत दैय्या, सिरोही अशोक कुमावत, जालोर दिलीप सिंह, प्रतापगढ़ अमित पुरोहित, बारां हरीश शर्मा, राजेन्द्र नामा, माउंट आबू हरिपाल सिंह, सहित गणेश प्रजापति, कोषाध्यक्ष नकुल शर्मा, बलवीर सैनी, सुनील यादव, दौसा महेन्द्र मीणा, चितौड़गढ़ आकाश शर्मा, दुर्गेश कुमार लक्षकार, और खीवराज सिंह, महेंद्र सिंह प्रदेशभर के कई पदाधिकारी और पत्रकार शामिल रहे।

उग्र आंदोलन की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अगले चरण की रणनीति संगठन की कोर कमेटी की बैठक में तय की जाएगी।