SI भर्ती रद्द करने के खिलाफ सुप्रीम-कोर्ट में याचिका दायर:चयनित सब इंस्पेक्टर्स का तर्क-गड़बड़ी वालों को बाहर करें, पूरी भर्ती रद्द न करें

एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने के हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चयनित सब इंसपेक्टर्स ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। चयनित सब इंस्पेक्टर्स ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर कर एसआई भर्ती- 2021 को बरकरार रखने की मांग की है।

चयनित सब इंस्पेक्टर्स ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि एसआई भर्ती- 2021 को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाए। जिन अभ्यर्थियों का चयन वैध तरीके से हुआ है उन्हें नौकरी में बरकरार रखा जाए। जिन्होंने नकल और पेपरलीक के जरिए गड़बड़ी करके परीक्षा पास की है उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। कुछ लोगों की गलती की सजा सभी को देना उचित नहीं है, हाईकोर्ट के फैसले से भविष्य अनिश्चित हो गया है।

मई में सुनवाई के आसार, असफल अभ्यर्थियों ने पहले से कैविएट दायर की

चयनित सब इंस्पेक्टर्स की याचिका पर मई के दूसरे सप्ताह में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के आसार हैं। उधर, इस मामले में एसआई भर्ती परीक्षा 2021 में चयन से चंचित रहे अभ्यर्थियों की तरफ से पहले ही सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर हो चुकी है। एडवोकेट हरेंद्र नील की तरफ से कैवियट दायर करने के बाद अब सुप्रीम कोर्ट कोई भी फैसला देने से पहले चयन से वंचित अभ्य​र्थियों का पक्ष भी सुनेगा।

4 अप्रैल को डिविजन बैंच ने भर्ती रद्द करने का फैसला बरकरार रखा

हाईकोर्ट की डिविजन बैंच ने 4 अप्रैल को ही एसआई भर्ती परीक्षा 2021 को रद्द करने के सिंगल बैंच के फैसले को बरकरार रखा था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश एसपी शर्मा की खंडपीठ (डीबी) ने 4 अप्रैल को चयनित अभ्यर्थियों और सरकार की अपीलों पर फैसला सुनाते हुए भर्ती रद्द करने का फैसला दिया था। खंडपीठ ने सिंगल बैंच की ओर से RPSC के खिलाफ लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान को भी रद्द कर दिया था।

28 अगस्त 2025 को सिंगल बैंच ने रद्द की थी भर्ती

19 जनवरी को खंडपीठ ने सभी पक्षों की बहस पूरी होने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। एकलपीठ ने 28 अगस्त 2025 को पेपरलीक, धांधली और भारी अनियमितताओं के चलते भर्ती को रद्द कर दिया था, जिसके बाद खंडपीठ में अपील की गई थी।

चयनित संब इंस्पेक्टर्स का तर्क- मेहनत से परीक्षा पास करने वालों को वंचित करना न्यायसंगत नहीं

चयनित सब इंस्पेक्टर्स का तर्क है कि उन्होंने कड़ी मेहनत करके परीक्षा पास की है, जिन्होंने ईमानदारी और मेहनत से परीक्षा पास की है, उन्हें वंचित करना सही नहीं है। जिन्होंने नकल और पेपरलीक से परीक्षा पास की है उनके खिलाफ कार्रवाई करें लेकिन जो सही हैं उन्हें वंचित करना गलत होगा, ऐसे में पूरी भर्ती रद्द करना न्यायसंगत नहीं है।

सरकार का रुख अभी तय नहीं

एसआई भर्ती रद्द करने के खंडपीठ के फैसले पर सरकार का अब तक रुख साफ नहीं हुआ है। सरकार ने हाईकोर्ट में एसआई भर्ती परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने के खिलाफ तर्क दिया था। अब सुप्रीम कोर्ट में सरकार पक्षकार बनती है या नहीं, इस पर जल्द रुख साफ होने के आसार हैं।