किशोरी से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा:अलीगढ़ एडीजे पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया फैसला, जुर्माने की राशि पीड़िता को मिलेगी

अलीगढ़ की एडीजे पॉक्सो प्रथम अनिल कुमार की अदालत ने 11वीं की छात्रा का अपहरण और दुष्कर्म करने में सजा सुनाई है। अदालत ने गवाह और साक्ष्यों के आधार पर दोषी जीतू उर्फ जितेंद्र को 10 साल के कठोर कारावास और 40 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित को देने के आदेश भी दिए हैं।

2017 में हुई थी घटना

अतरौली कोतवाली क्षेत्र एक नाबालिग छात्रा साल 2017 में अचानक घर से लापता हो गई थी। इस मामले में परिजन की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अपहरण को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने छात्रा को बरामद कर उसका चिकित्सीय परीक्षण कराया। इस मामले में पुलिस ने बुलंदशहर के डिबाई थाना क्षेत्र के गांव बामनी निवासी जीतू उर्फ जितेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म और अपहरण की धाराओं में चार्टशीट दाखिल की थी।

सुनवाई के दौरान बयानों से पलटी पीड़िता

इस केस में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब मुकदमे की सुनवाई के दौरान पीड़िता अपने मुख्य बयानों से पलट गई। माना जा रहा था कि वह दबाव या डर की वजह से सच छिपा रही थी, लेकिन जब अभियोजन पक्ष ने कानूनी बारीकियों के साथ उससे जिरह की तो वह टूट गई। उसने कोर्ट के सामने पूरी घटना की पुष्टि कर दी और सच स्वीकार लिया। पीड़िता की गवाही के अधार पर न्यायालय ने आरोपी को 10 साल की सजा और 40 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।

दहेज हत्या में रेलवे कर्मचारी को 10 साल की कैद

अलीगढ़ की एडीजे फास्ट ट्रैक प्रथम अंजू राजपूत की अदालत ने दहेज हत्या के मामले में पति गौरव उर्फ बंटी को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। गायत्री की शादी 16 फरवरी 2019 को बन्नादेवी थाना क्षेत्र के बरौला निवासी गौरव उर्फ बंटी के साथ हुई थी। शादी में गायत्री के परिजन ने करीब 10 लाख रुपए खर्च किए थे।

शादी के कुछ समय बाद गौरव की रेलवे में नौकरी लग गई। नौकरी लगने के बाद गौरव ने दहेज में 10 लाख रुपए नकद और स्विफ्ट कार की मांग कर दी। मांग पूरी न होने पर पीड़िता को परेशान किया जाने लगा। मांग पूरी न करने पर ससुराल पक्ष गायत्री को गौरव की दूसरी शादी कराने की धमकी देते थे। इस मामले की शिकायत कई बार पीड़िता ने मायके पक्ष में की थी।

मांग पूरी न होने पर गायत्री को मानसिक रूप से परेशान किया जाने लगा। घटना वाले दिन 26 दिसंबर 2023 को गौरव ने गायत्री के परिजन को उसके घर पर नहीं होने की जानकारी दी। इसके बाद गायत्री का भाई भूपेंद्र वहां पहुंचा तो बहन का शव घर के भीतर ही पड़ा था। इस मामले में पुलिस ने गौरव और उसके परिवार के अन्य लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। न्यायालय ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर फैसला सुनाया है।