पटना विवि में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए अहम निर्णय लिए गए। जयप्रकाश नारायण अनुषद भवन में कुलपति प्रो. अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में विश्वविद्यालय के सभी विभागाध्यक्षों और संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने स्तर पर निर्णय लेते हुए शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करें।
बैठक में यह तय किया गया कि विश्वविद्यालय और कॉलेजों में एकेडमिक ऑडिट को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। इसके तहत शिक्षकों के वर्कलोड, क्रेडिट आवर्स, पाठ्यक्रम संचालन, कक्षाओं की नियमितता और गेस्ट फैकल्टी के उपयोग की लगातार समीक्षा होगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से प्रत्येक विभाग और महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों की निगरानी कर जवाबदेही तय की जाएगी।
कुलपति ने सभी विभागाध्यक्षों और प्राचार्यों को निर्देश दिया कि वे अपने अधीनस्थ कार्यों के निष्पादन में सक्रिय भूमिका निभाएं और किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने दें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक और शैक्षणिक निर्णयों में स्थानीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई जरूरी है, जिससे छात्रों को समय पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। बैठक में वर्तमान और आगामी शैक्षणिक सत्र की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
यह निर्णय लिया गया कि कक्षाओं का संचालन, सिलेबस की पूर्णता और परीक्षाओं की समयबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सभी इकाइयों को निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर का सख्ती करना होगा। कुलाधिपति कार्यालय से प्राप्त निर्देशों के आलोक में एकेडमिक अकाउंटेबिलिटी को लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।