नरसिंहपुर जिले में रविवार शाम इंदिरा नगर के पास सड़क हादसे में पांच युवकों की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक युवकों के परिजनों और साथियों ने इसे हादसा मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि घटना अवैध रेत कारोबार से जुड़ी पुरानी रंजिश का परिणाम है।
मृतक राजेंद्र पटेल का शव परीक्षण करेली स्थित मुक्तिधाम के परीक्षण गृह में किया गया। इस दौरान मौजूद परिजनों और साथियों ने पुलिस से मामले की गहन जांच की मांग की।
भाई बोला-पुरानी रंजिश के चलते हत्या की गई
मृतक राजेंद्र पटेल के भाई प्रेमसिंह पटेल ने बताया कि उन्हें संदेह है कि उनके भाई की मौत सड़क हादसे में नहीं, बल्कि पुरानी रंजिश के चलते जानबूझकर की गई हत्या है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
हादसे के प्रत्यक्षदर्शी सतीश पटेल ने घटना का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि सभी युवक हाथीनाला वॉटरफॉल घूमने गए थे। लौटते समय वे सड़क किनारे खड़े होकर तस्वीरें ले रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार हाईवा आया और सीधे युवकों को टक्कर मारते हुए आगे निकल गया।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, “हम लोग छह-सात व्यक्ति सड़क किनारे खड़े थे और एक साथी फोटो ले रहा था। तभी अचानक हाईवा आया और सीधे हम लोगों पर चढ़ गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि हम लोग उछलकर दूर जा गिरे और उसके बाद बेहोश हो गए।”
समाजवादी पार्टी नेता ने उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव आशीष मिश्रा ने घटना को हादसा नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या बताते हुए कई सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि मृतक राजेंद्र पटेल समाजवादी पार्टी के मुलायम यूथ के प्रदेश अध्यक्ष थे और लंबे समय से सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय थे।
प्रदेश सचिव ने आरोप लगाया कि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक सड़क किनारे खड़े थे और एक हाईवा सड़क से उतरकर सीधे उन्हें टक्कर मारते हुए निकल गया। उन्होंने कहा कि यदि यह सामान्य दुर्घटना होती तो वाहन अनियंत्रित होकर कहीं और भी टकरा सकता था, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
उन्होंने कहा कि घटना के 12 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी न तो वाहन पकड़ा गया है और न ही चालक की पहचान हो सकी है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष और गहन जांच जरूरी है।
आशीष मिश्रा ने यह भी दावा किया कि राजेंद्र पटेल लगातार अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के मुद्दे उठाते रहे थे और सोशल मीडिया पर भी इसके खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका आरोप है कि इसी कारण कुछ लोगों को उन पर शक था और पुरानी रंजिश भी चल रही थी।
परिजन ने आंदोलन की चेतावनी दी
मृतकों के परिजनों और साथियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा है कि पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचकर परिजनों से चर्चा की जाएगी और यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो राष्ट्रीय राजमार्ग पर चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
हालांकि पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले को लेकर हत्या या साजिश संबंधी किसी आशंका की पुष्टि नहीं की गई है। पुलिस अज्ञात भारी वाहन की तलाश कर रही है और घटना के सभी पहलुओं की जांच किए जाने की बात कह रही है।