कानपुर में इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का भव्य उत्सव:थाईलैंड-सिंगापुर के फूलों से सजेगा दरबार, 5 लाख की रत्नजड़ित पोशाक पहनेंगे कान्हा

कानपुर के मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी का महापर्व इस बार खास अंदाज में मनाया जा रहा है। विश्व के दूसरे सबसे बड़े इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं को वृंदावन जैसा अनुभव कराने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया समेत कई जगहों से दुर्लभ फूल मंगाए गए हैं। वहीं, भगवान श्रीकृष्ण के लिए करीब 5-5 लाख रुपए की रत्नजड़ित विशेष पोशाकें तैयार कराई गई हैं।

जन्माष्टमी पर पहली बार श्रद्धालुओं को 3D वर्चुअल रियलिटी शो भी देखने को मिलेगा। इसके अलावा 400 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी कलाकार दिनभर नृत्य, नाटक, भजन और संकीर्तन प्रस्तुत करेंगे। मंदिर में महाभिषेक, 56 भोग और महाआरती के साथ महोत्सव का समापन होगा। बारिश और भीड़ को देखते हुए पार्किंग से मंदिर तक मुफ्त शटल बस सेवा की भी व्यवस्था की गई है।

थाईलैंड-मलेशिया से आए रंग-बिरंगे ऑर्किड

इस्कॉन के मीडिया प्रभारी प्रशांत प्रभु जी के मुताबिक, भगवान के श्रृंगार की तैयारी करीब दो महीने पहले शुरू कर दी गई थी। थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया के अलावा मुंबई और कोलकाता से भी फूल मंगाए गए हैं।

नीले, बैंगनी, पीले और सफेद रंग के दुर्लभ ऑर्किड और सनफ्लावर से मंदिर का दरबार सजाया जा रहा है। मंदिर प्रबंधन का कहना है कि इस तरह के फूलों से श्रृंगार कानपुर के किसी अन्य मंदिर में पहली बार देखने को मिलेगा।

20 लाख रुपए की 4 विशेष पोशाकें

भगवान श्रीकृष्ण के लिए चार विशेष पोशाकें तैयार की गई हैं। वृंदावन के कारीगरों के साथ सैन फ्रांसिस्को, मलेशिया और रूस से आए इस्कॉन के विदेशी भक्तों ने मिलकर इन्हें तैयार किया है। प्रत्येक पोशाक की कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई गई है। पोशाकों पर खास एम्ब्रॉयडरी और रत्नों का काम किया गया है। जन्माष्टमी पर इन्हीं विशेष पोशाकों में भगवान भक्तों को दर्शन देंगे।

पहली बार 3D VR शो, 400 कलाकार देंगे प्रस्तुति

जन्माष्टमी पर मंदिर में पहली बार 3D वर्चुअल रियलिटी शो की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु 3D चश्मों के जरिए मंदिर में बैठकर अलग-अलग धामों के दर्शन का अनुभव ले सकेंगे।

मंदिर प्रबंधन के मुताबिक, इसका खास फायदा बुजुर्गों और उन श्रद्धालुओं को मिलेगा जो दूसरे प्रमुख तीर्थ स्थलों तक नहीं जा पाते। इसके साथ ही दिनभर 400 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी कलाकार नृत्य, नाटक, भजन और संकीर्तन की प्रस्तुति देंगे। बॉम्बे से आए सुदामा महाराज जी रोजाना श्रीमद्भागवत कथा भी सुनाएंगे।

सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से शुरू होगा महोत्सव

4 सितंबर को तड़के 4:30 बजे मंगल आरती के साथ जन्माष्टमी महोत्सव की शुरुआत होगी। इसके बाद दिनभर तुलसी अर्पण, महाकलश अभिषेक और हरिनाम संकीर्तन के कार्यक्रम होंगे।

रात में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर महाभिषेक किया जाएगा। इसके बाद 56 भोग अर्पित किए जाएंगे और महाआरती होगी। अगले दिन नंदोत्सव के अवसर पर इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद की 130वीं व्यास पूजा मनाई जाएगी।

गंगा बैराज से आने की सलाह, मुफ्त शटल बस चलेगी

जन्माष्टमी पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने और बारिश की संभावना को देखते हुए मंदिर परिसर में व्यापक इंतजाम किए गए हैं। जाम से बचने के लिए श्रद्धालुओं को गंगा बैराज हाईवे की ओर से आने की सलाह दी गई है।

वाहनों की पार्किंग के लिए अलग जगह बनाई गई है। यहां से मंदिर तक श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए मुफ्त शटल बसें चलेंगी। मंदिर परिसर में विशाल वाटरप्रूफ पंडाल लगाया गया है। पेयजल, सुरक्षा और महाप्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई है।