सभापति चुनाव; सुबह 10 से 2 बजे तक मतदान:आज चुनेंगे 13वां सभापति, भाजपा का बोर्ड बनना तय, लेकिन क्रॉस वोटिंग का भी डर

नगर परिषद बाड़मेर का 13वां सभापति आज चुना जाएगा। भाजपा-कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है। बहुमत का आंकड़ा भाजपा के पास है। दोनों दलों के प्रत्याशी मैदान में हैं। इनके लिए सोमवार सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा। इसके एक घंटे बाद वोटों की गणना होगी। इसी के साथ नतीजे आ जाएंगे। नगर परिषद का सभापति तय हो जाएगा। भाजपा और कांग्रेस, दोनों के खेमों में पिछले 12 दिन से प्रत्याशी बाड़ेबंदी में हैं। अब दोनों दलों को क्रॉस वोटिंग का डर सता रहा है। ऐसे में प्रत्याशियों को बाड़ेबंदी से सोमवार सुबह 11 बजे ही मतदान के लिए लाया जाएगा। हालांकि भाजपा पूर्ण बहुमत में है। उसके 29 पार्षद हैं। 5 निर्दलीयों का भी साथ है।

भाजपा से गौतमचंद और कांग्रेस से जयमलसिंह सभापति के प्रत्याशी हैं। सोमवार को 13वें सभापति की शपथ लेने का मौका भाजपा के गौतमचंद को मिल सकता है। नगर परिषद के 63078 वोट ​थे, जिसमें 9 सितंबर को हुई वोटिंग में 51454 वोट पड़े थे। पहली बार 81.57 प्रतिशत वोटिंग के साथ रिकार्ड बनाया था। नतीजों के बाद भाजपा को 29, कांग्रेस को 21 और निर्दलीय को 5 सीट मिली। जबकि इसके बाद निर्दलीय भाजपा खेमे में शामिल हो गए।

17 साल बाद भाजपा की वापसी हो रही, निर्दलीयों का भी साथ

बाड़मेर नगर परिषद में साल 2009 से लगातार कांग्रेस का दबदबा रहा है। पूरे 17 साल बाद भाजपा न केवल स्पष्ट बहुमत में लौटी है, बल्कि उसने विरोधी खेमे में भी बड़ी सेंध लगाई है। कांग्रेस से टिकट न मिलने पर बागी होकर चुनाव जीतने वाले पूर्व उपसभापति सुरतानसिंह समेत 5 निर्दलीय पार्षद अब भाजपा कैंप में हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों ने साफ कर दिया है कि पांचों निर्दलीय भाजपा के पाले में खड़े हैं। निर्दलीयों का यह समर्थन भाजपा के बोर्ड की राह आसान कर रहा है।

अब 7वां जैन समाज से सभापति बनाने की तैयारी

नगर परिषद के इतिहास में अब तक बने 12 बोर्ड में से 6 बार जैन समाज के प्रतिनिधियों ने कमान संभाली है। इनमें सुरतानमल जैन दो बार, जबकि सुशीला मेहता, मेवाराम जैन, उषा जैन और लूणकरण बोथरा एक-एक बार सभापति रहे हैं। दिलचस्प तथ्य यह भी है कि सिर्फ एक बार पूर्ववर्ती सरकार के दौर में जनता ने सीधे मतदान से सभापति उषा जैन को चुना था। बाकी सभी चुनाव पार्षदों के जरिए ही हुए। शहर के कई वार्डों में जैन मतदाताओं के प्रभाव के चलते अब 13वें बोर्ड में सातवीं बार जैन चेहरे के रूप में भाजपा गौतमचंद की ताजपोशी की तैयारी कर रही है। कांग्रेस को अपने अधिकृत प्रत्याशी जयमल सिंह के लिए भाजपा खेमे के नाराज पार्षदों से क्रॉस वोटिंग की उम्मीद है।

दोनों प्रत्याशियों का प्रोफाइल और राजनीतिक पृष्ठभूमि

भाजपा: गौतम जैन (बॉबी): वार्ड 15 से विजयी। आरएसएस पृष्ठभूमि से आने वाले गौतम जैन 11वीं पास हैं। चुनावी शपथ पत्र के अनुसार वे करीब 2.15 करोड़ रुपए की संपत्ति के मालिक हैं। परिवार कोयला ट्रेडिंग और पेट्रोल पंप कारोबार से जुड़ा है। वे दो बार नाकोड़ा ट्रस्ट के ट्रस्टी रह चुके हैं। वर्तमान में भी पदस्थ हैं। कांग्रेस के मजबूत गढ़ माने जाने वाले वार्ड 15 को भेदने के लिए भाजपा ने उन्हें जोड़कर मैदान में उतारा था।

कांग्रेस: जयमल सिंह: वार्ड 32 से निर्वाचित। 12वीं पास जयमल सिंह पेशे से प्रॉपर्टी डीलर हैं। चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति 74.20 लाख रुपए दर्ज है। इनकी पत्नी लक्ष्मी कंवर पूर्व में पार्षद रह चुकी हैं। संख्या बल कम होने के बावजूद कांग्रेस ने स्थानीय संतुलन साधते हुए उन पर दांव खेला है।

कल उपसभापति के लिए नामांकन, फिर चुनाव

सभापति के फैसले के ठीक अगले दिन 22 सितंबर को उपसभापति का चुनाव होगा। सुबह 10 बजे बैठक के बाद 11 बजे नामांकन होगा। 11:30 बजे छंटनी होगी। दोपहर 2 बजे तक नाम वापसी हो सकेगी। आवश्यकता पड़ने पर दोपहर 2:30 से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। इसके बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।