यूपी सरकार ने सोमवार देर रात 34 IAS अफसरों के तबादले कर दिए। मुरादाबाद, कुशीनगर और कानपुर समेत 14 जिलों के डीएम बदले गए। इनमें 5 डीएम को दूसरे जिलों की कमान दी गई, जबकि 9 डीएम को हटाकर शासन में तैनाती दी गई है।
सूत्रों के मुताबिक, इन जिलाधिकारियों के काम करने के तरीके से सीएम योगी और सीनियर अफसर खुश नहीं थे। माना जा रहा था कि विधानसभा चुनाव के दौरान इन अधिकारियों पर जिम्मेदारी छोड़ने से सरकार को नुकसान हो सकता है।
9 जिलाधिकारियों की जगह साइडलाइन में किए गए अफसरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। अब यही डीएम विधानसभा चुनाव कराएंगे। इनमें सबसे चौंकाने वाला नाम दिव्यांशु पटेल का है। वह अभी मुरादाबाद नगर आयुक्त थे। उन्हें पहली बार जिले की कमान मिली है।
मुरादाबाद डीएम राजेंद्र पैंसिया का साढ़े 4 महीने में ही ट्रांसफर हो गया है। उन्हें कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग का विशेष सचिव बनाया गया है। हमीरपुर डीएम अभिषेक गोयल और एटा डीएम अरविंद सिंह को भी 6 महीने में ही हटा दिया गया है। एटा डीएम पर मंत्री बेबी रानी मौर्या ने फोन न उठाने का आरोप लगाया था।
माफिया मुख्तार अंसारी का किला ध्वस्त करने वाले IAS मंगला प्रसाद सिंह को उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल्स संघ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। वह बलिया के डीएम थे।
ये जिलाधिकारी हटाए गए
- बिजनौर की जिलाधिकारी जसजीत कौर को हटाकर उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
- कानपुर नगर के जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह को हटाकर उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद में निदेशक बनाया गया है।
- महोबा की जिलाधिकारी गजल भारद्वाज को हटाकर इन्वेस्ट यूपी में एसीईओ की जिम्मेदारी दी गई है।
- बागपत की जिलाधिकारी अस्मिता लाल को हटाकर पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।
- हमीरपुर के जिलाधिकारी अभिषेक गोयल को नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।
- बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह को हटाकर उत्तर प्रदेश सहकारी चीनी मिल संघ का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
- एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह को हटाकर खाद्य एवं रसद विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।
- मुरादाबाद के जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया को हटाकर विशेष सचिव, कारागार प्रशासन बनाया गया है।
- हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स को हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।
साढ़े चार महीने में हटाए गए राजेंद्र पैंसिया
संभल मस्जिद प्रकरण में सुर्खियों में आए जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया को सरकार का करीबी माना जा रहा था। पैंसिया संभल में करीब 23 महीने जिलाधिकारी रहे। 5 मई को उनका तबादला मुरादाबाद के जिलाधिकारी पद पर किया गया था। लेकिन मुरादाबाद से महज चार महीने 15 दिन की अवधि में ही उन्हें हटा दिया गया। शासन में भी उन्हें कारागार जैसे साइड लाइन माने जाने वाले विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है।
मंत्री बेबी रानी मौर्य ने एटा DM पर नाराजगी जताई थी
मंत्री बेबी रानी मौर्य की नाराजगी के बाद एटा के जिलाधिकारी अरविंद सिंह को खाद्य एवं रसद विभाग भेज दिया गया है। पिछले महीने एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मंत्री बेबी रानी मौर्य ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी। आरोप था कि उन्होंने डीएम को 17 से 18 बार फोन किया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया और न ही कॉल बैक की। कलेक्ट्रेट परिसर में जब दोनों का आमना-सामना हुआ, तो मंत्री ने बुके लेने से मना कर दिया।
इन 5 IAS अफसरों को फिर जिला मिला
- हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा को मुरादाबाद और अमेठी के जिलाधिकारी संजय चौहान को कुशीनगर का डीएम बनाया गया है।
- कुशीनगर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर नगर, संत कबीर नगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार को पीलीभीत और पीलीभीत के जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को बलिया में जिलाधिकारी के पद पर ट्रांसफर किया है।
इन 9 अफसरों को फील्ड में तैनाती मिली
- राज्य कर विभाग के विशेष सचिव राहुल पांडेय को हरदोई का जिलाधिकारी बनाया है।
- आगरा विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एम अरुन्मोली को एटा में जिलाधिकारी बनाया है।
- गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण की सीईओ अनुज मलिक को संतकबीर नगर का जिलाधिकारी बनाया है।
- इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ शशांक चौधरी को अमेठी में जिलाधिकारी बनाया है।
- मुरादाबाद नगर निगम के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल को बागपत में जिलाधिकारी बनाया है।
- नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग के विशेष सचिव प्रभास कुमार को महोबा का जिलाधिकारी बनाया है।
- नगर विकास विभाग के विशेष सचिव सत्य प्रकाश पटेल को हाथरस का जिलाधिकारी बनाया है।
- सिंचाई विभाग के विशेष सचिव अशोक कुमार को हमीरपुर का जिलाधिकारी बनाया है।
- पिछड़ा वर्ग कल्याण के विशेष सचिव उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर का डीएम बनाया गया है।
जसजीत कौर बनीं यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की एमडी
जसजीत कौर को बिजनौर डीएम पद से हटाकर उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है। बिजनौर डीएम रहते उनके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने जमानती वारंट जारी किया था।
मामला कोर्ट के आदेश के बावजूद जाति संबंधी आवेदन पर फैसला नहीं लेने से जुड़ा था। जसजीत कौर 2012 बैच की यूपी कैडर IAS अधिकारी हैं। वह शामली और सुल्तानपुर की डीएम रह चुकी हैं। इसके अलावा मेरठ में अपर आयुक्त भी रहीं।
पांच साल बाद भाटिया की यीडा से विदाई
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया की करीब पांच साल बाद यीडा से विदाई हो गई है। भाटिया पीसीएस अधिकारी के तौर पर यीडा में तैनात हुए थे। जून 2024 से दिसंबर 2025 तक वे यीडा में ओएसडी रहे। इसके बाद उन्हें एसीईओ की जिम्मेदारी दी गई थी।
अब उन्हें उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) बनाया गया है। उनके पास करीब छह नए एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की जिम्मेदारी होगी। इन परियोजनाओं से जुड़े 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक के टेंडर भी उनकी देखरेख में होंगे।
सहारनपुर के एडीएम मिर्जापुर के सीडीओ बने
- रामपुर के अपर जिलाधिकारी प्रशासन नितिन मदान को उत्तर प्रदेश यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण का एसीईओ बनाया है।
- मिर्जापुर के मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार को आगरा विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बनाया है।
- सहारनपुर के अपर जिलाधिकारी संतोष बहादुर सिंह को मैनपुरी में सीडीओ बनाया है।
- देवरिया के मुख्य राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह को मिर्जापुर में सीडीओ बनाया है।
- उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रोनिक्स कारपोरेशन के प्रबंध निदेशक हिमांशु कौशिक का तबादला मुरादाबाद के नगर आयुक्त पद पर किया है।
ज्ञानेंद्र सिंह बने बलिया के नए DM, ईंधन बचत की मुहिम को लेकर चर्चा में रहे
ज्ञानेंद्र सिंह को पीलीभीत के जिलाधिकारी पद से हटाकर बलिया का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। ज्ञानेंद्र सिंह पीलीभीत के DM रहते ईंधन बचत की मुहिम को लेकर चर्चा में आए थे। ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव के दौरान ईंधन बचाने की अपील की जा रही थी। इसी बीच उन्होंने भी पहल की।
उन्होंने सबसे पहले अपनी सुरक्षा में लगा एस्कॉर्ट वाहन हटवा दिया था। इसके अलावा ऑफिसर्स कॉलोनी में रहने वाले अधिकारियों को कलेक्ट्रेट तक पैदल आने के निर्देश दिए थे।यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से की गई ईंधन बचाने की अपील के बाद उठाया गया था।