खाद की किल्लत को लेकर जयपुर कूच के लिए निकले नरेश मीणा को पुलिस ने बुधवार शाम 6 बजे शिवदासपुरा टोल पर रोक लिया। उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। कूच को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने बैरिकेडिंग कर दी।
मौके पर वाटर कैनन, STF और RAC के सैकड़ों जवान तैनात किए गए। कई इंस्पेक्टर और RPS अधिकारी मौके पर लगाए गए। रास्ता रोकने के कारण टोंक रोड पर 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।
कृषि विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल, ADM ईस्ट जयपुर नरेंद्र कुमार वर्मा मौके पर पहुंचे और नरेश मीणा से बात की। किसानों की सभी समस्याओं के समाधान का आश्वासन मिलने के बाद नरेश मीणा ने रात करीब 8:30 बजे आंदोलन वापस ले लिया और समर्थकों के साथ लौट गए। इसके बाद जाम खुल गया।
राजस्थान में डीएपी और यूरिया की कमी, खाद की तय कीमत और किसानों को खाद के साथ अन्य सामान लेने के लिए मजबूर किए जाने के आरोपों को लेकर नरेश मीणा ने आंदोलन शुरू किया और जयपुर की तरफ कूच किया था।
चाकसू में सभा के बाद जयपुर की तरफ बढ़े थे
नरेश मीणा ने खाद की किल्लत को लेकर बारां से जयपुर कूच किया था। बुधवार सुबह निवाई से जयपुर रवाना हुए। रास्ते में उनके समर्थक जुड़ते गए। चाकसू में सभा के बाद जयपुर की तरफ बढ़े।
नरेश मीणा ने कहा- किसानों की खाद संबंधी समस्याओं को लेकर आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगह किसानों को खाद देने के नाम पर महंगा सामान लेने के लिए भी मजबूर किया जा रहा है।
खाद की उपलब्धता बना बड़ा मुद्दा
राजस्थान में रबी सीजन की तैयारियों के बीच किसानों के लिए डीएपी और यूरिया की समय पर उपलब्धता अहम है। सरकार की ओर से राज्य में खाद का पर्याप्त स्टॉक होने की बात कही गई है, जबकि दूसरी ओर कई जगह किसान कतार और उपलब्धता की समस्या की शिकायत कर रहे हैं। सरकार के दावे और किसानों की शिकायतों के बीच का अंतर अब आंदोलन का प्रमुख मुद्दा बन गया है।