बालोतरा जिले में घर में आग लगने से दिव्यांग बुजुर्ग की जिंदा जलने से मौत हो गई। एक हाथ-पैर काम नहीं करने के कारण बुजुर्ग घर से बाहर नहीं निकल पाए। बुजुर्ग के तीनों बेटे काम पर गए थे।
आग की लपटें दिखने पर ग्रामीण दौड़कर आए और करीब 25 मिनट में आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक गोविंदराम (65) की मौत हो गई। आग से घरेलू सामान भी जलकर खाक हो गया। हादसा मोकलसर गांव में दोपहर 12:30 बजे हुआ।
घर में अकेले थे बुजुर्ग, काम पर गए थे तीन बेटे
सिवाना थाना अधिकारी चंद्र सिंह ने बताया- घटना के समय गोविंदराम अपनी झोपड़ी में अकेले थे। गोविंदराम का राइट साइड में एक हाथ और पैर काम नहीं करता था। दोपहर में ग्रामीणों ने गोविंदराम के घर से आग की लपटें उठती देखी तो मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने अपने स्तर पर पानी के टैंकर बुलाकर आग बुझाने की कोशिश की और करीब 25 मिनट में आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक गोविंदराम की मौत हो गई थी।
थाना अधिकारी ने बताया- गोविंदराम के चार बेटे हैं। एक बेटा सोहनलाल जेल में है, जबकि 3 बेटे देवाराम, किशन और दिनेश काम के लिए बालोतरा गए थे।
आग लगने के कारणों का पता लगा रही पुलिस
सिवाना थाना अधिकारी चंद्र सिंह ने बताया- शव को सिवाना उप जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। मामले की जांच की जा रही है।