भोपाल के छोला मंदिर थाना क्षेत्र के मालीखेड़ी में एक ही परिवार के चार सदस्यों की हत्या और परिवार के मुखिया नरेंद्र की मौत के मामले में पुलिस कर्ज और उसके आखिरी संपर्कों की जांच कर रही है। परिजन के मुताबिक, नरेंद्र पर 25 से 30 लाख रुपए की देनदारी थी। वह 10-15 दिनों से बेरोजगार था। उसकी बहन ने दो महिलाओं समेत छह लोगों पर कर्ज के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है।
पुलिस यह पता लगा रही है कि नरेंद्र ने किन लोगों से पैसा लिया था, उस पर कितना कर्ज था और घर से निकलने से पहले उसकी किससे बात हुई थी। CCTV फुटेज के मुताबिक, वह सुबह करीब 8:50 बजे बुलेट लेकर घर से निकला था। इसके बाद उसका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। पुलिस अब घर के अंदर हुई वारदात और नरेंद्र की मौत के बीच की कड़ियां जोड़ रही है।
बहन का आरोप- दो महिलाओं समेत 6 लोग कर रहे थे परेशान
नरेंद्र की बहन मधु ने आरोप लगाया कि करीब छह लोग उसके भाई को कर्ज के लिए परेशान कर रहे थे। इनमें नेहा, मामा गोपाल साहू, श्वेता, सिमर, चिंटू और देवा के नाम शामिल हैं। मधु के मुताबिक, नरेंद्र हर महीने करीब 40 हजार रुपए ब्याज चुका रहा था। लगातार तकादे के कारण वह तनाव में था।
नरेंद्र के छोटे भाई ने भी पुलिस को बताया कि उसका भाई सीहोर की एक महिला के संपर्क में था। वह उसे ब्लैकमेल करती थी। इसी वजह से नरेंद्र ने दोस्तों से भी उधार लिया था। भाई ने उसके नशा करने की बात भी पुलिस को बताई है।
हालांकि, पुलिस ने अभी इन आरोपों और ब्याज की रकम की पुष्टि नहीं की है।
परिवार का दावा- 25 से 30 लाख रुपए का कर्ज था
नरेंद्र के जीजा दीपक सिंह के मुताबिक, वह करीब 20 लाख रुपए का कर्ज होने की बात बताता था। परिवार का अनुमान है कि कुल देनदारी 25 से 30 लाख रुपए तक थी। कर्ज चुकाने के लिए उसने खेजड़ा स्थित मकान और कार-बाइक बेच दी थीं। गहने भी गिरवी रखे थे।
बहन मधु के मुताबिक, आर्थिक स्थिति बिगड़ने के बाद नरेंद्र ने घर खर्च देना बंद कर दिया था। उसकी बुजुर्ग मां सरस्वती को किराया चुकाने के लिए काम करना पड़ता था। पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी नरेंद्र पर थी।
रेस्टॉरेंट और कारों के कारोबार में हुआ घाटा
नरेंद्र ने पार्टनरशिप में छोटा रेस्टॉरेंट खोला था। घाटा होने पर उसे बंद करना पड़ा। इसके बाद उसने पुरानी कारों की खरीद-बिक्री शुरू की, लेकिन इसमें भी नुकसान हुआ। करीब एक साल पहले यह कारोबार भी बंद कर दिया।
इसके बाद वह आष्टा के पास एक रिजॉर्ट में शेफ की नौकरी करने लगा था। परिजन के मुताबिक, वह 15 दिनों से काम पर नहीं जा रहा था। करीब चार दिन पहले एक लेनदार रकम मांगने घर पहुंचा था। इसके बाद उसकी बेचैनी बढ़ गई थी। परिवार उसे हिम्मत रखने और धीरे-धीरे हालात संभालने की सलाह दे रहा था।
बिस्तर पर मिले चारों शव, गले और सिर पर चोट के निशान
पुलिस के मुताबिक, घर में चारों सदस्यों के शव बिस्तर पर सोने की स्थिति में मिले थे। उनके गले पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। सिर पर भी चोटें मिली थीं।
घटना स्थल के पास खून से सना हथौड़ा और चाकू मिला है। पुलिस को आशंका है कि धारदार हथियार के साथ किसी भारी वस्तु से भी हमला किया गया।
थाना प्रभारी अरुण शर्मा के मुताबिक, नरेंद्र की जेब से भगवान के नाम लिखी एक पर्ची मिली है। यह सुसाइड नोट नहीं है। चोटों की प्रकृति और इस्तेमाल किए गए हथियारों की पुष्टि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से होगी।
सुबह 8:50 बजे बुलेट लेकर घर से निकला था नरेंद्र
एसीपी निशातपुरा शशांक जैन के मुताबिक, CCTV फुटेज में नरेंद्र सुबह करीब 8:50 बजे बुलेट लेकर घर से निकलता दिखाई दे रहा है। पुलिस उसके घर से निकलने के बाद के रास्ते और रेलवे ट्रैक तक पहुंचने के घटनाक्रम की जांच कर रही है।
रेलवे ट्रैक पर नरेंद्र का शव मिलने की सूचना पहले परिजन को मिली थी। इसके बाद एक रिश्तेदार घर पहुंचा। दरवाजा नहीं खुलने और फोन रिसीव नहीं होने पर उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घर में प्रवेश किया तो परिवार के चार सदस्यों के शव मिले।
कॉल डिटेल और लेनदेन की जांच
घर के अंदर हुई घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। पुलिस नरेंद्र की कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल और आखिरी बातचीत की जानकारी जुटा रही है। इससे पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि घर से निकलने से पहले उसने किससे बात की थी और किन लोगों के संपर्क में था।
एफएसएल टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर चुकी है। पुलिस कर्ज से जुड़े दस्तावेज और वित्तीय लेनदेन भी खंगाल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से चोटों की प्रकृति और मौत के समय से जुड़े तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
परिवार ने करीब 15 दिन पहले ही 10 साल की बेटी कीर्ति का जन्मदिन मनाया था। कीर्ति तीसरी कक्षा में और बेटा कुश KG-2 में पढ़ता था। पुलिस अब आर्थिक लेनदेन, पारिवारिक परिस्थितियों और नरेंद्र की आखिरी गतिविधियों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।