अमृतसर में ट्रेन पर खालिस्तानी नारों का मामला:संदिग्ध ने भंडारी पुल से स्टेशन में की थी एंट्री; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही GRP

पंजाब के अमृतसर में खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने एक बार फिर अपनी नापाक हरकतों से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। संगठन के सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू के इशारे पर रेलवे स्टेशन और जिला कोर्ट परिसर की दीवारों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के खिलाफ भड़काऊ नारे लिखे गए। इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आ गई है और मामले की जांच शुरू कर दी है।

रेलवे पुलिस (GRP) स्टेशन और आसपास के इलाकों के CCTV फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि नारे लिखने वाला शख्स भंडारी पुल की तरफ से स्टेशन में दाखिल हुआ था। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि जिस वक्त ट्रेन अमृतसर से हरिद्वार के लिए रवाना होने वाली थी, उसी दौरान उस पर नारे लिखे गए।

डीएसपी जसकरण सिंह ने दी जानकारी

डीएसपी जसकरण सिंह ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। ट्रेन पर नारे लिखे होने की जानकारी तब मिली, जब वह जालंधर के करीब पहुंची। इस संबंध में जालंधर जीआरपी में भी मामला दर्ज किया गया है। अमृतसर जीआरपी भी आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही है। उन्होंने बताया कि भंडारी पुल की तरफ से आने वाले रास्तों पर विशेष নজর रखी जा रही है और स्टेशन पर मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है।

पन्नू ने दी दिवाली पर ‘ब्लैकआउट’ की धमकी

इस घटना के बाद गुरपतवंत सिंह पन्नू ने एक वीडियो जारी कर विवादित बयान दिया है। उसने कहा कि “1984 के कातिलों को पनाह देने वाले राहुल गांधी, राजा वड़िंग और सांसद गुरजीत सिंह औजला हमारे निशाने पर हैं।” पन्नू ने आने वाली दिवाली पर अयोध्या से हरिद्वार तक ‘ब्लैकआउट’ करने की धमकी भी दी है। उसने कहा कि वे 26 लाख दीयों से रोशनी करने वाले कार्यक्रम को अंधेरे में बदल देंगे, क्योंकि उसका संगठन दिवाली और अयोध्या को “हिंदुत्व आतंकवाद” का प्रतीक मानता है।

कौन है गुरपतवंत सिंह पन्नू?

गुरपतवंत सिंह पन्नू खालिस्तान का समर्थक है और अक्सर भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहता है। वह कनाडा में मारे गए आतंकी हरदीप सिंह निज्जर का करीबी सहयोगी था। निज्जर की हत्या के बाद से वह और भी ज्यादा सक्रिय हो गया है और लगातार देश के खिलाफ जहर उगल रहा है। पन्नू पर युवाओं को भड़काकर देश में अशांति फैलाने के भी आरोप हैं।

भारत सरकार ने पन्नू की हरकतों को देखते हुए 2019 में उसके संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) पर बैन लगा दिया था। सरकार ने पन्नू को 2020 में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत आतंकी भी घोषित किया था। इसके बाद SFJ से जुड़े कई वेब पेज और यूट्यूब चैनल भी बंद कर दिए गए थे।