सीरियाई नेता अल-शरा ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की:दोनों नेता पहली बार आमने-सामने आए; मॉस्को में दोनों के बीच बैठक हुई

सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने बुधवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मास्को में मुलाकात की। दोनों नेता पहली बार आमने-सामने आए।

दोनों नेताओं के बीच हुई बैठक में अल-शरा ने पुतिन से कहा कि वह रूस के साथ अपने रिश्तों को नई दिशा में ले जाना चाहते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सीरिया, रूस के साथ सभी पुराने समझौतों का सम्मान करेगा।

पुतिन ने अल-शरा का स्वागत किया और दोनों देशों के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की तारीफ की। उन्होंने कहा कि रूस सीरिया के लोगों के हित में हमेशा काम करता रहा है और अब दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करना चाहते हैं।

तख्तापलट के बाद पहली बार रूस गए सीरियाई नेता

अल-शरा ने दिसंबर 2024 में सैन्य विद्रोह कर पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद का तख्तापलट कर दिया था। पुतिन लंबे समय तक बशर अल-असद के समर्थक रहे हैं। इस लिहाज से यह बैठक बेहद अहम थी।

पुतिन ने असद शासन के उखाड़े जाने को महान सफलता और सामाजिक एकता की ओर एक कदम बताया। तख्तापलट के बाद असद रूस में ही रह रहे हैं। यहां उन्हें मानवीय आधार पर शरण दी गई है।

बैठक में पुतिन ने कहा कि रूस और सीरिया के बीच 8 दशक से दोस्ताना संबंध रहे हैं। उन्होंने कहा कि रूस की सीरिया के साथ दोस्ती कभी भी राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर नहीं रही।

पुतिन ने हाल ही में हुए सीरिया के संसद चुनाव की भी सराहना की। उन्होंने कहा,

अपने सैन्य ठिकानों को सुरक्षित करना चाहता है रूस

बैठक में रूस ने अपने सैन्य ठिकानों को सुरक्षित रखने और सीरिया की नई सरकार के साथ संबंध मजबूत करने पर जोर दिया। सारिया के तर्तूस और खमाइमिम में रूस के सैन्य अड्डे मौजूद हैं।

2015 में सीरियाई गृह युद्ध के वक्त रूस के सैन्य हस्तक्षेप ने असद को सत्ता में बनाए रखने में मदद की थी। असद के खिलाफ विद्रोह के दौरान भी रूस ने अल-शरा के लड़कों पर हवाई हमले किए थे।

सीरिया में तख्तापलट के बाद इन ठिकानों पर रूस की सैन्य तैनाती में कमी आई है। तर्तूस बेस रूस को बंदरगाह देता है और खमाइमिम एयरबेस अफ्रीका में सैन्य संचालन के लिए इस्तेमाल होता है।

सीरिया की नई सरकार ने तर्तूस में रूस के निवेश समझौते को रद्द कर दिया और इसे दुबई की DP वर्ल्ड कंपनी को सौंपा। इसके बावजूद रूस सीरिया को तेल, अनाज और अन्य संसाधन कम कीमत पर सप्लाई करता रहा है।