सरकार से लेकर सेलीब्रेटीज तक सबने विदेशी हस्तियों को दिखाया आईना, कहा- आंदोलन को सनसनीखेज न बनाएं

कृषि कानून विरोधी आंदोलन की पूरी हकीकत जाने बिना इसकी आड़ में दुष्प्रचार करने वाले विदेशी हस्तियों को सरकार ने आड़े हाथों लिया है। मशहूर पॉप सिंगर रिहाना, पर्यावरण मामलों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाने वाली ग्रेटा थनबर्ग जैसी कुछ हस्तियों की तरफ से किसान मामले को उठाने पर विदेश मंत्रालय ने बहुत तीखी प्रतिक्रिया जताई है। मंत्रालय ने कहा कि विवादास्पद मुद्दे में कूदने से पहले उसकी सच्चाई जानने की कोशिश करनी चाहिए। सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग चलाने का लालच बेहद जिम्मेदाराना व्यवहार है।

कुछ किसानों को है आपत्ति 

बुधवार को सुबह कुछ विदेशी हस्तियों के कूदने के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा कि, भारतीय संसद ने व्यापक बहस के बाद कृषि सुधार से जुड़े विधेयकों को पारित किया था। यह विधेयक किसानों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराने में मदद करेगा। साथ ही यह खेती को ज्यादा उपयोगी व पर्यावरण के मुताबिक बनाने में मदद करेगा। भारत के कुछ किसानों को इस विधेयक को लेकर आपत्ति है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इनके विरोध का आदर करते हुए केंद्र सरकार ने इन किसानों से बात करने की प्रक्रिया शुरू की है। किसानों के साथ 11 दौर की बातचीत हो चुकी है। जिसमें केंद्र सरकार के कैबिनट मंत्री हिस्सा लेते हैं। भारत सरकार ने और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को आश्वस्त किया है कि वह फिलहाल उक्त विधेयक को स्थगित कर रहे हैं।

एजेंडा चला रहे कुछ लोग 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह बहुत ही दुखद है कि कुछ स्वार्थी समूह अपना एजेंडा लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। किसानों के साथ हो रही बातचीत को भटकाना चाहते हैं। भारतीय गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को हमने देखा कि भारतीय राजधानी में हिंसा व तोड़फोड़ की गई।

कुछ स्वार्थी तत्वों का बताया हाथ 

विदेश मंत्रालय ने आगे कहा है कि कुछ स्वार्थी तत्वों ने भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने की कोशिश शुरू कर दी है। इन्हीं में से कुछ लोगों ने विश्व के कुछ हिस्सों में महात्मा गांधी की प्रतिमाओं को क्षति पहुंचाई है। यह भारत के साथ ही किसी भी दूसरे सभ्य समाज के लिए काफी चिंता की बात है। जहां तक भारत की बात है तो यहां की पुलिस किसानों के विरोध प्रदर्शन को रोकने में काफी संयम का परिचय दे रही है।

भारतीय सुरक्षा बलों पर हुआ हमला 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह बात भी सभी को देखनी होगी कि इन प्रदर्शनों मे भारतीय सुरक्षा बल के सैकड़ों पुरुषों व महिलाओं पर हमला किया गया है और इनमें से कई लोग गंभीर तौर पर घायल हुए हैं।

समाधान निकालने की हो रही कोशिश

विदेश मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के विरोध प्रदर्शनों को भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए। यह भी देखा जाना चाहिए कि भारत सरकार किसान समूहों के साथ मिल कर हालात का समाधान निकालने की कोशिश कर रही है।

सच्चाई परखी जाए 

विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस तरह के मुद्दे पर विचार देने से पहले हमारा सुझाव होगा कि सच्चाई परखी जाए और स्थिति को उचित संदर्भ में देखा जाए। खास तौर पर सेलीब्रेटीज (व दूसरे लोगों को सनसनीखेज हैशटैग चलाना या बयान देना ना तो सही है और ना ही जिम्मेदाराना व्यवहार है।

भारत की गति धीमी नहीं पड़ने वाली 

वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने इसे सीधे सीधे दुष्प्रचार ठहराया और कहा कि इससे भारत की गति धीमी नहीं पड़ने वाली है। भारत एकजुट होकर विकास की ओर बढ़ रहा है। वहीं अक्षय कुमार, सचिन तेंदुलकर जैसे कई हस्तियों ने भी ट्वीट कर विदेशी हस्तियों के भारत में दखल देने पर आपत्ति जताई और कहा कि भारतीय ही भारत को समझते हैं।

भारतीय सेलीब्रेटीज ने दिखाया आईना 

जल्द ही भारत की तरफ से अक्षय कुमार, कंगना, अजय देवगन, कैलाश खेर, सचिन तेंदुलकर जैसी हस्तियों ने मोर्चा खोला और अपने अपने अकाउंट से भारत के खिलाफ चलाये जा रहे दुष्प्रचार का जवाब दिया।

रिहाना और थनबर्ग ने किए थे ट्वीट 

बताते चलें कि मंगलवार रात पॉप सिंगर रिहाना ने सीएनए वेबसाइट पर राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में चल रहे आंदोलन पर एक खबर को टैग करते हुए सोशल मीडिया साइट ट्विटर पर यह लिखा कि, हम इस पर क्यों नहीं बात रहे हैं। इसके कुछ देर बाद स्वीडिश नागरिक ग्रेटा थनबर्ग ने लिखा कि, मैं भारत में चल रहे किसान आंदोलन का समर्थन करती हूं। कुछ और हस्तियों ने भी इन दोनों के बाद आंदोलन के समर्थन में बयान दिए।