New Cases of COVID-19 in UP: प्रदेश में स्कूलों में कोरोना संक्रमण के केस मिलने पर अलर्ट, अब होगी फोकस टेस्टिंग

New Cases of COVID-19 in UP: राजधानी लखनऊ के लामार्टीनियर ब्वॉयज कॉलेज के साथ प्रयागराज के एक स्कूल में स्टाफ के कोरोना संक्रमित मिलने के बाद से योगी आदित्यनाथ सरकार हाई अलर्ट पर है। कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर सरकार ने फोकस टेस्टिंग को बढ़ाया है। इसके तहत स्कूल-कॉलेजों में रैंडम सैम्पलिंग होगी। अब अगले 4 दिनों तक संस्थानों में रैंडम जांच की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेश के हर जिले में बाहर से आने वाले लोगों की सूचना देने के लिए सभी होटल को भी निर्देश दिया गया है।

लखनऊ में लामार्टीनियर ब्वॉयज कॉलेज में स्टॉफ के छह सदस्य व प्रयागराज के दो स्कूलों में स्टॉफ के कोरोना संक्रमित होने के बाद अब फोकस टेस्टिंग के तहत चलाए जा रहे अभियान में स्कूल-कॉलेजों में अधिक सैंपल लिए जाएंगे। फोकस टेस्टिंग के तहत पंद्रह दिवसीय अभियान चलाया जा रहा है, इसे और आगे बढ़ाया जाएगा। कोरोना संक्रमण की चेन तोडऩे के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।

एक मार्च से प्रदेश में कक्षा एक से लेकर कक्षा पांच तक के स्कूलों में भी पढ़ाई शुरू की जाएगी। ऐसे में अब स्वास्थ्य विभाग और चौकन्ना हो गया है। दूसरे राज्यों में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के मद्देनजर और सर्तकता बरती जा रही है। अब तो जिलों में स्कूल-कॉलेजों के अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और बाजारों में रैंडम सैंपल लिए जा रहे हैं। पहले यह अभियान गुरुवार तक चलाया जाना था लेकिन इसे और आगे बढ़ाया जाएगा।

प्रदेश में अब हर शहर में होटल में मेहमानों के आते ही जिला प्रशासन को सूचना देनी होगी। प्रदेश सरकार ने अब कोरोना के दूसरे अटैक को रोकने के लिए सख्ती कर दी है। किसी भी शहर में महाराष्ट्र, केरल व पंजाब सहित कहीं से भी आने वाले मेहमानों के होटल में चेक इन से पहले होटल प्रबंधन को जिला प्रशासन को इसकी सूचना देनी होगी। देश के कई राज्यों में कोरोना का दूसरा अटैक हो गया है और इसके उत्तर प्रदेश में भी फैलने की आशंका में सरकार पहले से तैयारी कर रही है। आदेश हैं कि होटल प्रबंधन किसी के भी आगमन की पुलिस को सूचना दे।

महाराष्ट्र, केरल व मध्य प्रदेश सहित पांच राज्यों में दोबारा कोरोना वायरस संक्रमण के बाद योगी आदित्यनाथ सरकार भी अलर्ट पर है। यहां दोबारा कोरोना संक्रमण बढऩे से रोकने के लिए फिर से सख्ती होगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने कोरोना को लेकर ढिलाई बिल्कुल भी न बरतने की हिदायत दी है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जैसे मार्च 2020 में संक्रमण फैलने पर बचाव के उपाय और सख्ती की जा रही थी, वैसे ही कठोर कदम फिर से उठाए जाएं। दूसरे राज्यों से आ रहे लोगों को 14 दिन क्वारंटाइन करने के नियम का बेहद सख्ती से पालन कराया जाएगा। मोहल्ला व ग्राम निगरानी कमेटियों को फिर से अलर्ट कर दिया गया है। वह बाहर से आने वालों की रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को देंगे।

स्वास्थ्य विभाग पहले ही प्रदेश में प्रतिदिन कोरोना संक्रमित मिल रहे मरीजों में से 10 फीसद के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजने का फैसला कर चुका है। नए स्ट्रेन का पता लगाने के लिए सैंपल राजधानी स्थित किंग जार्ज मेडिकल यूनिवॢसटी (केजीएमयू) भेजे जाएंगे। केजीएमयू की माइक्रोबॉयोलॉजी लैब इसके लिए तैयारी कर चुकी है। वहीं जरूरत पडऩे पर इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटीग्रेटिव बॉयोलॉजी (आइजीआइबी) को जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए सैंपल भेजे जाएंगे। मास्क लगाने के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ सख्ती भी बरती जाएगी।

टेस्टिंग और कांटेक्ट ट्रेसिंग पर फोकस: स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि टेस्टिंग व कांटेक्ट ट्रेसिंग पर लगातार जोर दिया जा रहा है और अधिकतम 1.3 लाख टेस्ट रोज हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि जरूरत पडऩे पर इसे बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में अब तक तीन करोड़ लोगों का कोरोना टेस्ट और 15.3 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है।

अस्पताल भी हुए सतर्क, लेवल वन होंगे शुरू: कोरोना संक्रमण के लगातार घटने के कारण प्रदेश में लेवल वन के अस्पताल बंद कर दिए गए थे। अब लेवल टू व लेवल थ्री के अस्पतालों में ही करीब 18 हजार बेड हैं। पहले सितंबर 2020 में सर्वाधिक 68,235 केस होने पर लेवल वन से लेकर लेवल थ्री तक के अस्पतालों में 1.5 लाख बेड की व्यवस्था की गई थी। हलांकि एक्टिव केस अब केवल 2190 हैं, लेकिन फिर भी जरूरत के अनुसार कोरोना के कम गंभीर मरीजों के लिए सीमित दायरे में लेवल वन की सुविधा शुरू होगी।

छूटे फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगेगी कोरोना वैक्सीन : उत्तर प्रदेश में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज न लेने वाले फ्रंट लाइन वर्कर्स को भी अब कोरोना वायरस की वैक्सीन लगेगी। अब तक छूटे सभी स्वास्थ्य कॢमयों को भी वैक्सीन की पहली डोज दी जाएगी। अब 2 लाख 40 हजार से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन होना है। इसके लिए 2731 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं।