औरंगाबाद में महिला ने फंदे से झूलकर की आत्महत्या:बच्चों को दूध लेने भेज कर वारदात को दिया अंजाम, दो बच्चों की मां थी

औरंगाबाद शहर के नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत कर्मा रोड स्थित वार्ड नंबर 7 सर्वोदय नगर में सोमवार की शाम एक महिला द्वारा फंदे से झूलकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

मृतका की पहचान भोजपुर जिले के तरारी थाना अंतर्गत करथ गांव निवासी बृजमोहन कुमार की 40 वर्षीय पत्नी रेखा देवी के रूप में की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार रेखा देवी अपने पति और बच्चों के साथ सर्वोदय नगर में एक किराए के मकान में रह रही थीं।

मृतका के पति बृजमोहन कुमार ने सदर अस्पताल में बताया कि वह मदन प्रसाद के मकान में किराएदार हैं और जेवर की दुकान में काम कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सोमवार को भी वह रोज की तरह काम पर चले गए थे। इसी दौरान शाम के समय यह दुखद घटना घटी।

अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

मकान मालिक मदन प्रसाद ने बताया कि सोमवार की शाम रेखा देवी ने अपने बच्चों को दूध लाने के लिए बाहर भेजा था। बच्चों के बाहर जाते ही उन्होंने कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। कुछ देर बाद जब बच्चे वापस लौटे तो कमरे का दरवाजा बंद देखकर आवाज लगाने लगे। कोई जवाब नहीं मिलने पर बच्चों ने आसपास मौजूद लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद पड़ोसी धर्मेंद्र और विवेक मौके पर पहुंचे और दरवाजा तोड़कर अंदर घुसे। रेखा देवी कमरे के भीतर फंदे से लटकी हुई थीं।

तत्काल इसकी सूचना मकान मालिक ने मृतका के पति को दी। सूचना मिलते ही बृजमोहन कुमार मौके पर पहुंचे और स्थानीय लोगों की मदद से रेखा देवी को ऑटो में लादकर सदर अस्पताल ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पटना जिले के मनेर की रहने वाली थी महिला

मृतका के परिजनों ने बताया कि रेखा देवी अपने पीछे दो बच्चों को छोड़ गई हैं। उनकी 13 वर्षीय पुत्री आराध्या और 12 वर्षीय पुत्र आयुष हैं, जो मां की मौत के बाद गहरे सदमे में हैं। बताया गया कि मृतका का मायका पटना जिले के मनेर थाना क्षेत्र में है। घटना की सूचना मायके पक्ष को दे दी गई है।फिलहाल महिला का शव सदर अस्पताल में रखा गया है। नगर थाना पुलिस मामले की जानकारी जुटा रही है। आत्महत्या के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद से मोहल्ले में शोक का माहौल है।