नेपाल से अपने राजनयिकों व नागरिकों को अमेरिका ने बुलाया वापस, संक्रमण के रफ्तार को देख लिया फैसला

अमेरिका ने शुक्रवार को नेपाल (Nepal) के अमेरिकी दूतावास में रह रहे अपने राजनयिकों व उनके परिवारों को वापस बुलाने का फैसला लिया साथ ही कहा है कि इस यात्रा का खर्च सरकार वहन करेगी। अमेरिका के गृहमंत्रालय ने यह फैसला महामारी के बढ़ते मामलों के मद्देनजर लिया है।  गृह मंत्रालय ने यह भी सलाह दिया कि जो अमेरिकी वहां जाने की योजना बना रहे हैं वे इस पर दोबारा विचार करें और जो लोग वहां रह रहे हैं यदि वे वापस लौटना चाहते हैं ता दूतावास से संपर्क करें। नियमित तौर पर संचालित उड़ानों पर लगी रोक के कारण दूतावास चार्टर उड़ानों का संचालन शुरू करेगी।

नेपाल सरकार ने देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए 14 मई तक सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को प्रतिबंधित कर दिया है। हालांकि, चार्टर उड़ानों की अनुमति है। नेपाल ने बाहर से आने वाले सभी लोगों को कम से कम 10 दिनों के लिए क्वारंटीन रहना अनिवार्य कर दिया है। नेपाल में प्रवेश के लिए इन यात्रियों को मूल देश से प्रस्थान करने से पहले 72 घंटों के भीतर का कोविड निगेटिव सर्टिफिकेट भी अनिवार्य होगा। ओली मंत्रिमंडल के फैसले से पहले नागरिक उड्डयन नियामक प्राधिकरण ने उड़ानों की संख्या को सीमित करने के लिए एयरलाइंस को पहले ही कोटा जारी किया हुआ था।

द वाशिंगटन पोस्ट’ के अनुसार, नेपाल के पर्वतारोही संघ ने तीन पर्वतारोहियों एवं एक स्थानीय गाइड के कोरोना से संक्रमित होने की पुष्टि की है। हालांकि, पोलैंड के पर्वतारोही पावले माइकलस्की ने पिछले सप्ताह कहा, ’30 से ज्यादा लोगों को हेलिकॉप्टर से काठमांडू ले जाया गया है जो बाद में कोरोना पॉजिटिव पाए गए।’ आधार शिविर 19 अप्रैल को छोड़ने वाली पर्वतारोही रोजिता अधिकारी कुछ दिनों बाद कोरोना से संक्रमित पाई गई। उन्होंने कहा कि कई लोगों के संक्रमण के मामलों को रिपोर्ट नहीं किया गया है।