राज्यसभा चुनाव: महागठबंधन के 4 विधायकों ने पाला क्यों बदला:तेजस्वी के MLA फैसल बोले- मां से बढ़कर कुछ नहीं, कांग्रेस विधायकों की नाराजगी जानिए

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और राष्ट्रीय बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने 44-44 वोटों के साथ जीत दर्ज की है। JDU के रामनाथ ठाकुर को 42 वोट और RLM चीफ उपेंद्र कुशवाहा को 42 वोट मिले।

भाजपा कैंडिडेट शिवेश राम को 30 वोट मिले थे। हालांकि, दूसरी वरियता के आधार पर उन्होंने 37 वोट पाने वाले RJD के एडी सिंह को हरा दिया। इस जीत के साथ ही सीएम नीतीश अब राज्यसभा चले गए हैं।

NDA के सभी 202 विधायकों ने वोट डाले हैं। जबकि महागठबंधन की तरफ 37 विधायकों ने ही वोट डाले हैं। जीत के लिए 41 विधायकों की जरूरत थी, लेकिन महागठबंधन के 4 विधायक वोटिंग करने नहीं पहुंचें।

ढाका से RJD विधायक फैसल रहमान वोटिंग में शामिल नहीं हुए। पार्टी नेता लगातार उनसे संपर्क बनाने की कोशिश करते रहें, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। वहीं कांग्रेस के तीन विधायक भी वोट डालने नहीं पहुंचें। इनमें से दो विधायक सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज विश्वास से पार्टी नेताओं का संपर्क नहीं हो पाया।

अब जानिए जिन विधायकों ने वोट ने दिया उनका क्या कहना है

मोतिहारी के ढाका से राजद विधायक फैसल रहमान ने कहा, वह वोट डालने के लिए पटना गए थे, लेकिन मां की तबीयत खराब होने की खबर मिलने के बाद वो दिल्ली लौट आए। उन्होंने बताया कि दिल्ली जाने की जानकारी नेताओं को दी थी। फैसल रहमान ने कहा कि ‘मां से बढ़कर कुछ भी नहीं है।.

वाल्मीकिनगर से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा की तरफ से ये जानकारी सामने आई कि, वे महागठबंधन द्वारा घोषित उम्मीदवार से नाराज थे। उनकी मांग थी कि राजद नेता और बगहा चीनी मिल के मालिक दीपक यादव को कैंडिडेट बनाया जाना चाहिए था। सुरेंद्र कुशवाहा पहले उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के टिकट पर वाल्मीकिनगर से चुनाव भी लड़ चुके हैं।

मनिहारी से कांग्रेस विधायक मनोहर प्रसाद सिंह ने कहा कि महागठबंधन की ओर से दलित, अल्पसंख्यक या ओबीसी वर्ग से उम्मीदवार नहीं बनाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इन वर्गों की अनदेखी कर अन्य कोटे से प्रत्याशी उतारा गया, जिसके विरोध में उन्होंने मतदान का बहिष्कार किया।

जबकि फारबिसगंज से कांग्रेस विधायक मनोज विश्वास ने कहा कि जब पार्टी के विधायकों को ही सम्मान नहीं मिलेगा तो वोट देने का कोई मतलब नहीं रह जाता।

इधर, राज्यसभा में जीत हासिल कर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन मंगलवार सुबह पटना से दिल्ली के लिए रवाना हो गए।

NDA की जीत पर जानिए किसने क्या कहा-

बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन- “मैं NDA की प्रचंड जीत के लिए पूरी NDA टीम को बधाई देता हूं। बिहार की इकाई ने एक प्रचंड जीत दी है। NDA ने एक बार फिर यह साबित किया है कि बिहार की जनता NDA के नेतृत्व में आगे बढ़ने को तैयार है। इस जीत का श्रेय पूरी बिहार टीम को जाता है। हम बिहार के विकास को अधिक गति देंगे।”

चिराग पासवान- “इस जीत की उम्मीद थी। विपक्ष बिखरा हुआ था। यह हमारी एकता का नतीजा है कि हमारे सभी 5 उम्मीदवार जीते। यह हमारे गठबंधन की ताकत दिखाता है।” बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता और RJD नेता तेजस्वी यादव के नतीजों पर दिए बयान पर उन्होंने कहा, “अगर आप अंदर देखे बिना लोगों पर आरोप लगाते रहेंगे, तो विपक्ष को भविष्य में और नुकसान होगा।”

उपेंद्र कुशवाहा- “इस जीत के लिए सभी मतदाताओं का हम आभार व्यक्त करते हैं। यह हमारे प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री समेत NDA के सभी कार्यकर्ताओं की जीत है। बिहार के हितों के लिए हम हमेशा आवाज उठाते रहेंगे।”

गिरिराज सिंह- “मैं समझता हूं कि तेजस्वी यादव को विपक्ष के नेता पद पर से इस्तीफा दे देना चाहिए। कांग्रेस के विधायकों ने राहुल गांधी को आईना दिखाया है।”

छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा- “बिहार राज्यसभा चुनाव में पांचों सीटों पर NDA की प्रचंड जीत हुई है। मैं NDA के सभी साथियों को हृदय से बधाई देता हूं। भाजपा की ओर से नितिन नवीन, उपेंद्र कुशवाहा और शिवेश राम थे। वहीं JDU की ओर से नीतीश कुमार और रामनाथ ठाकुर थे। मैं हृदय से शुभकामनाएं देता हूं।”

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