‘बंगाल-असम चुनाव के बाद गहरा सकता है गैस संकट’:पप्पू यादव बोले- लाइन में खड़े होने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहा, दिल्ली से पूर्णिया तक किल्लत

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने गैस सिलेंडर को लेकर दावा किया है कि बंगाल-असम चुनाव के बाद संकट गहरा सकता है। लोगों को गैस मिलना मुश्किल हो जाएगा। सरकार असली मुद्दों से भटक रही है। धर्म और चुनावी राजनीति में उलझी है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को लंबी-लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है, कहीं-कहीं लाठीचार्ज तक हो रहा है। लोग महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं।

अर्जुन भवन में प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सांसद पप्पू यादव ने कहा कि दिल्ली से लेकर पूर्णिया तक गैस संकट ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। इस मुद्दे को संसद में जोरदार तरीके से उठाते हुए सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में अररिया की एक बच्ची पिछले 5 दिनों से गैस सिलेंडर के लिए भटक रही है।

राजधानी में गैस लेने के लिए 5 किलोमीटर तक लंबी लाइनें लग रही हैं। इतनी अनुशासित लेकिन मजबूरी भरी लाइन पहले कभी नहीं देखी, जहां लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। देश के कई हिस्सों में गैस की भारी कमी से आम लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है।

महंगाई से लोग परेशान हैं

सांसद ने आरोप लगाया कि सरकार ने कमर्शियल गैस की सप्लाई बंद कर दी है। जिससे रेहड़ी, ठेला और छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर संकट आ गया है। करोड़ों लोग ठेला-रेहड़ी चलाकर अपना घर चलाते हैं, अगर उन्हें गैस नहीं मिलेगी तो उनकी जीविका कैसे चलेगी। देश में तेल, दवा और अन्य जरूरी चीजें लगातार महंगी होती जा रही हैं। इसका बोझ आम जनता क्यों झेले, जबकि नेता और पूंजीपति आराम से हैं।

पूर्णिया और पटना में पढ़ाई करने वाली छात्राओं के लिए उनकी तरफ से विशेष पहल की जा रही है। हॉस्टल, लॉज और किराए के कमरों में रहने वाली छात्राओं को छोटे गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उन्हें परेशानी न हो। पूर्णिया एयरपोर्ट के पुलिसकर्मियों को भी पिछले तीन दिनों से गैस नहीं मिल पा रहा है, जो इस संकट की गंभीरता को दिखाता है।

सदन में पूर्णिया की आवाज उठा रहे हैं

सरकार पर आरोप लगाया कि वह जनता के असली मुद्दों से ध्यान हटाकर धर्म और चुनावी राजनीति में लगी हुई है। इस दौरान पप्पू यादव ने अपने संसदीय क्षेत्र के विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में 18 ओवरब्रिज सहित कई बड़े प्रोजेक्ट्स का टेंडर हो चुका है। संसद में लगातार पूर्णिया की आवाज उठाई जा रही है।