20000 श्रद्धालुओं को स्टील की थालियों में खिला रहे भोजन:डिस्पोजल पर बैन; कथा में एक घंटे में बन रही 2800 रोटियां

भीलवाड़ा के मेडिसिटी ग्राउंड में 8 से 14 अप्रैल तक चल रही पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा में एक लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

यहां 20 से 25 हजार श्रद्धालु पंडाल में रुककर भोजन कर रहे हैं, जिसके लिए 12 मिट्टी की भट्टियों पर 70 हलवाई खाना बना रहे हैं।

डिस्पोजल मुक्त व्यवस्था में 10 हजार स्टील प्लेट में सात्विक भोजन परोसा जा रहा है।

गैस सप्लाई की कमी के बीच पारंपरिक तरीके अपनाए गए हैं और रोज सुबह-शाम हजारों भक्तों को कूपन से भोजन दिया जा रहा है।

गैस कमी के बीच लिया गया फैसला

भोजन व्यवस्था प्रभारी राजेश कुदाल के अनुसार मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात के चलते गैस सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के बीच यह निर्णय लिया गया।

गैस न मिलने पर भी लाखों श्रद्धालुओं का भोजन नहीं रुकेगा क्योंकि व्यवस्था अब स्थानीय संसाधनों पर शिफ्ट हो गई है। पारंपरिक भट्टियां करीब 700 कमर्शियल गैस सिलेंडरों की कमी को पूरा कर रही हैं।

मिट्टी की भट्टियों पर तैयार हो रहा भोजन

भोजन व्यवस्था में पूरी तरह पारंपरिक तरीका अपनाया गया है। ईंट और मिट्टी से बनी 12 भट्टियों पर लकड़ी से खाना पकाया जा रहा है।

70 हलवाइयों की टीम दिन-रात भोजन तैयार कर रही है। इमरजेंसी के लिए 10 गैस सिलेंडर भी रखे गए हैं, लेकिन मुख्य रूप से लकड़ी का ही उपयोग हो रहा है।

एक घंटे में मशीन से तैयार हो रही 2800 चपातियां

श्रद्धालुओं को समय पर भोजन मिल सके, इसके लिए जयपुर से एक स्पेशल रोटी मेकिंग मशीन मंगवाई गई है। यह मशीन एक घंटे में 2800 चपातियां तैयार करने की क्षमता रखती है।

खाने में सात दिनों तक भक्तों को लापसी, बूंदी, मीठे चावल, सूजी का हलवा, दाल-पूड़ी, मिक्स सब्जी, दाना मेथी की सब्जी, चावल और चपाती परोसी जा रही है।

10 हजार स्टील प्लेट, डिस्पोजल पूरी तरह बंद

आयोजकों का कहना है कि भोजन में उपयोग के लिए 175 टिन पथमेड़ा का देशी घी मंगवाया गया है।

शुद्ध मूंगफली का तेल काम में लिया जा रहा है। इसके अलावा यहां डिस्पोजल का उपयोग बिल्कुल भी नहीं किया जा रहा रहे है।

स्टील की 10 हजार थालियां जोधपुर से मंगवाई है, इसके अलावा पानी पीने के लिए भी गिलास मंगवाए गए हैं।

डिस्पोजल का किसी भी प्रकार से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उच्च क्वालिटी की राशन सामग्री मंगवाई गई है, जो सब्जियां बनाई जा रही है वो रेगुलर फ्रेश मंगवाई जा रही है।

अधिक से अधिक भक्त इसका लाभ ले सकें, इसकी व्यवस्था की गई है।

कूपन से दी जा रही एंट्री

वितरण समिति के हनुमान प्रसाद ने बताया कि महाशिवपुराण कथा 8 से 14 अप्रैल तक भीलवाड़ा में हो रही है।

आयोजन समिति के माध्यम से हजारों की संख्या में रोज शिव भक्त सुबह और शाम भोजन प्राप्त कर रहे हैं। इन्हें अलग अलग कूपन दिए गए हैं, जिनके माध्यम से इन्हे एंट्री दी जा रही है ।

14 काउंटर पर 250 भक्त सेवाएं दे रहे

अलग-अलग दिन के हिसाब से अलग-अलग मेनू तैया किया गया है। सुबह शाम 5 तरह की सामग्री भंडारे में तैयार की जा रही है।

यहां 14 काउंटर बनाए गए हैं। इन 14 काउंटर पर 250 से ज्यादा कार्यकर्ता रात-दिन सेवाएं दे रहे हैं। इसके अलावा भक्तों द्वारा निशुल्क चाय सेवा भी की जा रही है।

श्रद्धालु बोले- भोजन अच्छा, कोई समस्या नहीं

महाराष्ट्र से आई मंजू देवी ने बताया कि हम भीलवाड़ा में कथा सुनने आए हैं, यहां भोजन काफी अच्छा है और कथा भी काफी अच्छे चल रही है।

अच्छी व्यवस्था है, हम आसानी से यहां कथा सुन रहे हैं। किसी तरह की समस्या नहीं है।

राजसमंद से कथा सुनने आई चंदा देवी ने बताया कि मैं पिछले 7 सालों से शिव महापुराण कथा सुन रही हूं। आज मेरा सातवां पांडाल है, ऐसी व्यवस्था मैंने अब तक कहीं नहीं देखी।