कानपुर में कानून-व्यवस्था संभाल रहे पुलिसकर्मियों पर हमले की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। नजीराबाद थाना क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के दो मामले सामने आए हैं। दोनों ही घटनाओं में आरोपियों ने सरकारी कार्य में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों की वर्दी तक फाड़ दी। एक मामले में पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है। दोनों मामलों में आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, मारपीट और धमकी की धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
पीआरवी टीम पर हमला, सिर पर डंडे से वार
पहला मामला हर्ष नगर क्षेत्र का है। यहां 112 सेवा में तैनात धीरेन्द्र कुमार अपनी टीम के साथ PRV-4912 पर शाम 2 बजे से रात 10 बजे तक ड्यूटी पर थे। सूचना मिलने पर टीम कनिका हॉस्पिटल वाली गली में पहुंची। वहां मौजूद सुमित कुमार से जानकारी लेने की कोशिश की गई तो वह भड़क गया। आरोप है कि उसने पुलिस टीम के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी और मारपीट करने लगा।
सुमित कुमार ने डंडे से धीरेन्द्र कुमार के सिर पर वार कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोट आई। बीच-बचाव करने आए होमगार्ड चालक प्रकाश नारायण के साथ भी अभद्रता की गई और उनकी वर्दी फाड़ दी गई। आरोपी ने जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भागने को कहा।
साथियों को बुलाकर ट्रैफिक सिपाही को पीटा
दूसरी घटना ट्रैफिक पुलिस से जुड़ी है। ट्रैफिक सिपाही राकेश कुमार मिश्रा की ड्यूटी 19 अप्रैल को बाटा शोरूम कट पर लगी थी। रात करीब 8:25 बजे एक कार (UP78DN3037) बीच सड़क पर खड़ी थी। वाहन हटाने के लिए कहने पर चालक भड़क गया और गाली-गलौज करने लगा।
विरोध करने पर उसने अपने 4-6 साथियों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सभी ने मिलकर ट्रैफिक सिपाही के साथ मारपीट की, जिससे उनके चेहरे पर चोटें आईं और वर्दी भी फाड़ दी गई। किसी तरह उन्होंने खुद को बचाते हुए कंट्रोल रूम और अधिकारियों को सूचना दी। जाते समय आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।