किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (OSD) की नियुक्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। नियमों को दरकिनार करते हुए सैयद अब्बास को OSD नियुक्त किया गया था। मामले के तूल पकड़ने के बाद शासन के निर्देश पर STF ने जांच की, जिसमें इस अनियमितता की पुष्टि हुई है।
अब रिपोर्ट शासन को सौंप दी गई है और वित्त विभाग सहित संबंधित विभागों द्वारा आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच में सामने आया कि OSD पद पर नियुक्ति के लिए न तो कोई विज्ञापन जारी किया गया और न ही इंटरव्यू प्रक्रिया अपनाई गई। सिर्फ एक अनुरोध पत्र पर नियुक्ति आदेश जारी कर दिया गया, जो नियमों के विपरीत है। बाद में इस नियुक्ति का विनियमीकरण भी कर दिया गया, जबकि प्रक्रिया के अनुसार यह जिम्मेदारी संस्थान प्रशासन की होती है।
ऐसे शुरू हुई थी जांच
शासन ने KGMU में अवैध धर्मांतरण के आरोपों की जांच भी STF को सौंपी थी। इसी दौरान OSD सैयद अब्बास की भूमिका और उनकी नियुक्ति को लेकर भी सवाल उठे, जिसके बाद इसकी अलग से जांच कराई गई। हालांकि अवैध धर्मांतरण मामले में उनकी संलिप्तता के स्पष्ट प्रमाण नहीं मिले, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में गंभीर गड़बड़ियां उजागर हुईं।
ये आरोप सामने आए
- सेवा अभिलेखों में कथित रूप से हेरफेर
- तदर्थ कर्मचारी होते हुए भी नियमित लाभ प्रदान करना
- संस्थान में विशेष विचारधारा को बढ़ावा देना
- पद का दुरुपयोग और कुछ व्यक्तियों को संरक्षण देना
इस मामले की जांच के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग की विशेष सचिव की अध्यक्षता में समिति भी गठित की गई थी। एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद अब शासन स्तर पर कार्रवाई की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।