मंदसौर शहर के सरदार वल्लभभाई पटेल चौराहे पर प्रशासन द्वारा ट्रैफिक व्यवस्था में किए गए बदलाव का कड़ा विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को चौराहे का सर्कल तोड़कर वन-वे व्यवस्था लागू करने और बैरिकेडिंग से नाराज स्थानीय लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता 40 डिग्री की भीषण गर्मी में सड़क पर धरने पर बैठ गए हैं। लोगों का कहना है कि प्रशासन के इस फैसले से उन्हें लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रदर्शन के दौरान सिटी कोतवाली टीआई पुष्पेंद्र सिंह राठौर और धरने का नेतृत्व कर रहे जनपद सदस्य दीपक सिंह गुर्जर के बीच तीखी बहस भी हुई। पुलिस प्रशासन लगातार प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाने की कोशिश में जुटा है, लेकिन लोग बैरिकेड हटाने की मांग पर अड़े हुए हैं।
वन-वे व्यवस्था के कारण तय करनी पड़ रही अतिरिक्त दूरी
प्रशासन ने यातायात का दबाव कम करने के उद्देश्य से चौराहे पर यह बदलाव किया है। नई वन-वे व्यवस्था के कारण अब अफीम गोदाम रोड, नई आबादी और संजीत नाका की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सीधे रास्ते की जगह सिटी ग्राउंड या महाराणा प्रताप चौराहे से होकर गुजरना पड़ रहा है। इससे आमजन की परेशानी बढ़ गई है और अन्य मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव भी अधिक हो गया है।
बिना योजना फैसले से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने बिना किसी ठोस योजना और जनसुनवाई के यह फैसला लागू कर दिया है। सर्कल को छोटा करने और जगह-जगह बैरिकेड लगाने से चौराहे पर ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इसके चलते आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा काफी बढ़ गया है।
पुरानी व्यवस्था बहाल होने तक जारी रहेगा विरोध
सड़क पर उतरे लोगों ने प्रशासन को स्पष्ट कर दिया है कि जब तक चौराहे से बैरिकेड हटाकर पूर्व की व्यवस्था बहाल नहीं की जाती, उनका यह प्रदर्शन जारी रहेगा। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और पुलिस हालात को संभालने में लगी हुई है।