मोबाइल के लिए पैसे नहीं मिले तो मां का मर्डर:मोतिहारी में चप्पल से खुला राज, आरोपी बेटा बोला- मां छोड़ने की मिन्नतें कर रही थी

मेरे पास पैसे नहीं थे। मां से मांगा तो उसने डांट कर भगा दिया। मुझे नशा के लिए पैसे चाहिए थे। गुस्से में आकर मैंने बाजार से 350 रुपए में एक धारदार चाकू खरीदा। मां को बहाने से खेत में ले गया और वहां पीछे से करीब 4 बार पीठ पर चाकू मारा। इस बीच मां ने मुझसे कहा- बेटा हमको छोड़ दो, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।’

ये कहना है मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के रहने वाले आलम हुसैन (24) का, जिसने मोबाइल के लिए 35 हजार रुपए अपनी मां से मांगे थे, पैसे नहीं मिले तो हत्या कर दी।

मर्डर करने के 10 मिनट बाद आरोपी आलम को अफसोस हुआ और वो घर पहुंचकर जोर-जोर से रोने लगा। इस घटना का खुलासा गुरुवार 20 अगस्त को क्राइम सीन पर छूटी उसकी चप्पल से हुआ है।

मृतका की पहचान नजमा खातून (50) के रूप में हुई है। महिला ने घटना से एक दिन पहले यानी 18 अगस्त को अरेराज स्थित यूनियन बैंक से पैसे निकालकर अपने बेटे आलम हुसैन के साथ बाइक से घर लौटी थी।

इसी दौरान बेटे की नजर उस पैसे पर पड़ी और उसने मां के मर्डर की पूरी प्लानिंग बनाई। इस मामले में मोतिहारी पुलिस ने आरोपी आलम हुसैन को गिरफ्तार कर 20 अगस्त को जेल भेज दिया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी कहानी

पैसे निकालने मां अकेली गई थी बैंक

आलम ने अपने कबूलनामा में बताया है, मैं अक्सर चोरी कर अपने नशे और अय्याशी का पैसा निकाल लिया करता था। 2-3 दिनों से मैं कोई लंबा हाथ नहीं मार पा रहा था। इसी बीच 18 अगस्त मंगलवार को मां दीदी समूह से जुड़े पैसे निकालने अरेराज में यूनियन बैंक गई थी। उन्होंने बैंक से करीब 45 हजार रुपए निकाले थे। जब उस दिन पैसे घर में आए तो मेरा नशा करने का और ज्यादा मन करने लगा।

मैंने अपनी मां से कहा, मुझे 35 हजार रुपए दे दो एक नया फोन खरीदना है। इसपर मां ने मुझे डांटते हुए घर से भगा दिया। उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिए। इसके बाद मैंने गुस्से में आकर उनके मर्डर की प्लानिंग कर डाली। मैं तुरंत अरेराज बाजार गया वहां से 350 रुपए में एक नई धारदार चाकू खरीदी।

इसके कुछ घंटे बाद रात में मैंने मां को फोन कर कहा, मम्मी मैं चावल की बोरी चोरी कर के खेत की तरफ लाया हूं। तुम तैयार हो जाओ। इस बोरी को कुछ देर बाद अपने घर के अंदर ले आएंगे।

बेटा मुझे छोड़ दो…’ मां ने चाकू छीना, फिर भी नहीं बच सकी जिंदगी

इसपर मां ने कहा, ये सब काम मत करो। बोरी किसकी है और कहां है बताओ? इसपर उनसे कहा मैं बाइक लेकर आपको लेने घर आ रहा हूं, खुद ही बोरी आकर देख लेना। मैं घर गया और मां को बाइक पर बैठाकर वहां से 200 मीटर दूर गन्ने की खेत की तरफ ले आया। जब वो बाइक से उतरी तो मैंने पैंट के पॉकेट से 350 रुपए वाली चाकू निकाली और मां चिल्लाते ही उनकी पीठ पर लगातार 4 बार चाकू घोंप दिया।

इस दौरान मां ने मेरे हाथ से चाकू छीना और कहा- बेटा मुझे छोड़ दो…ये बात सुनते ही मैं रो पड़ा और मुझे इस हत्या का अफसोस होने लगा, लेकिन तब तक बहुत देर हो चूकी थी। मां की मौके पर ही मौत हो गई थी।

पापा से कहा- अपराधियों ने मां की हत्या कर दी

हालांकि, घटना के दौरान मां ने खुद को बचाने की बहुत कोशिश की, एक बार उन्होंने मेरे हाथ से चाकू छीनते हुए मेरे सिर पर हमला किया, लेकिन मैंने दोबारा उनके हाथ से हथियार छीन लिया। मां की हत्या करने के बाद मैं डर गया था। खून से लथपथ चाकू रास्ते में फेंकते हुए घर पहुंचा। इस बीच मेरी चप्पल क्राइम लोकेशन पर ही छूट गई थी।

मैं दौड़ते हुए अपने पापा के पास पहुंचा। उन्हें रोते हुए कहानी बताई की मम्मी की हत्या कर दी गई है। लूट को अंजाम देने के चक्कर में बोलेरे सवार कुछ लोगों ने उनकी चाकू मारकर हत्या कर दी।

मैं उन्हें बचाने की कोशिश कर रहा था, इसी दौरान उनलोगों ने मेरे सिर पर भी चाकू से हमला कर दिया। इसके बाद पापा सुमन मियां थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में बताया, मेरी पत्नी नजमा की लूट के दौरान हत्या हो गई। साथ ही बेटे पर भी चाकू से हमला किया गया है।

आवेदन के आधार पर हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर अरेराज डीएसपी रवि कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल की जांच के साथ परिवार के लोगों से पूछताछ की। इसी दौरान पिता-बेटे से पूछताछ में बयान बदलते दिखे।

शव से 20m दूर मिली मां-बेटे की चप्पल

FIR के बाद 19 अगस्त की सुबह जब पुलिस घटनास्थल पर पहुंची तो उन्हें मां के शव से 20 मीटर की दूरी पर मेरी और मां दोनों की चप्पल मिल गई। जब पुलिस ने इसकी जांच शुरू की तो मामला उलझता गया।

हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार के मुताबिक, पुलिस ने सबसे पहले मृतक के पति से पूछताछ की। इस दौरान पुलिस को जानकारी मिली की महिला के बैंक अकाउंट में करीब 90 हजार रुपए से ज्यादा पैसे थे।

इसमें एक दिन सोमवार को नजमा आलम के साथ पैसा निकालने यूनियन बैंक की शाखा अरेराज गई थी।

बार-बार बयान बदलने से शक बढ़ा

दूसरे दिन मंगलवार को समूह की महिलाओं के साथ बाकी बचे रुपए निकालने गई थी। दो बार में महिला ने करीब 91 हजार रुपए बैंक अकाउंट से निकालकर घर लाई थी।

इसके बाद जब आरोपी आलम से पूछताछ की तो उसने अपने बयान कई बार बदले। घरवालों को उसने लूट-हत्या की बात बताई। वहीं, पुलिस को क्राइम सीन पर सिर्फ हत्या की बात बताई। बार-बार बदलते उसके बयान से हमें उसपर शक हुआ।

जब आरोपी से घटनास्थल पर छूटे चप्पल के बारे में पूछा गया तो वो घबरा गया। उसने पहले तो डर से कहा, दौड़ते वक्त मेरी चप्पल यहां छूट गई। जब 2-3 बार कड़ाई से पूछताछ की तो आरोपी ने अपना जूर्म कबूल कर लिया।

पुलिस ने बरामद किए चाकू और पैसे

हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार के मुताबिक, आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, खून और मिट्टी से सना कपड़ा बरामद कर लिया गया है। इसके अलावा आरोपी ने मृतक के रखे पैसों में 5 हजार रुपए चुराए थे, जिसमें उसने वारदात को अंजाम देने के बाद एक हजार रुपए की चप्पल खरीदी थी।

दो हजार रुपए अपने पिता को दिया था। इसके अलावा कुछ पैसे नशे में खर्च कर दिए। आरोपी के निशानदेही पर जब घर की तलाशी ली गई तो मौके पर से 86 हजार रुपए बरामद किए गए हैं।

डीएसपी रवि कुमार ने बताया कि मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ के आधार पर वारदात की पूरी कड़ी को जोड़ा गया है।