दिल्ली के न्यू सीमापुरी इलाके में ईदगाह मछली मंडी के पास चार मंजिला बिल्डिंग गिरने से मौत का आंकड़ा 4 हो गया है। गुरुवार को रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे से एक और शव बरामद किया गया। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है।
अधिकारियों के मुताबिक, मलबे में 2-3 लोगों के अभी भी फंसे होने की आशंका है। इससे पहले बुधवार को 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी। इनमें करीब 12 साल की एक बच्ची और 21 साल की गर्भवती महिला गुलफ्शा शामिल थीं। तीसरे मृत बच्चे की पहचान नहीं हो सकी थी।
हादसे में 8 लोग घायल हुए हैं। सभी को रेस्क्यू कर राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर भेजा गया है। स्थानीय लोगों ने MCD अधिकारियों को बताया कि इलाके में एक दिन पहले आए भूकंप के बाद इमारत में दरारें आ गई थीं। उनका दावा था कि इसके बाद मालिक इमारत खाली कराने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, पुलिस ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
20-25 साल पुरानी थी बिल्डिंग
MCD के मुताबिक, इमारत दिल्ली अर्बन शेल्टर इम्प्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) की करीब 25 वर्ग गज जमीन पर बनी थी और 20-25 साल पुरानी थी।
अधिकारियों ने इसे ग्राउंड प्लस 3 मंजिल की इमारत बताया, जबकि स्थानीय लोगों के मुताबिक इसमें 5 मंजिल थीं।
आसपास की इमारतें भी हुईं क्षतिग्रस्त
बिल्डिंग गिरने से आसपास की दो इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। पास की ईदगाह की बाउंड्री वॉल क्षतिग्रस्त हुई। बिजली का पोल टूटने और तारों के क्षतिग्रस्त होने के बाद इलाके की बिजली सप्लाई बंद कर दी गई।
रेस्क्यू टीमों ने मलबा हटाने के लिए 4 JCB मशीनें, एंबुलेंस और स्निफर डॉग्स की मदद ली। संकरी गलियों और घनी आबादी के कारण बचाव अभियान में परेशानी आई। फायर कंट्रोल को बुधवार दोपहर करीब 3:15 बजे बिल्डिंग गिरने की कॉल मिली थी।
इसके बाद दिल्ली पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। पार्षद पंकज लूथरा ने कहा कि उन्हें इमारत ढहने की सूचना मिली थी और मलबे से चार-पांच लोगों को पहले ही बचाया जा चुका है। अधिकारियों के मुताबिक, इमारत गिरने की सही वजह जांच के बाद सामने आएगी।
3 साल में दिल्ली में बिल्डिंग गिरने की 1133 घटनाएं
2022 से 2025 तक यानी 3 साल में दिल्ली में बिल्डिंग गिरने के 1133 मामले सामने आए हैं। इन घटनाओं में 98 लोगों की मौत हुई है।