झांसी में ‘काली सरकार बाबा’ के नाम से फेमस प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज 22 साल से छिपकर रह रहा था। एक छोटी सी शिकायत से उसके हिस्ट्रीशीटर होने की पोल खुल गई।
उसके खिलाफ कुछ स्थानीय लोगों ने गाली-गलौज कर धमकाने की शिकायत की थी, जो एसएसपी तक पहुंच गई। तब मामले की जांच हुई। करीब 4 दिन पहले उसे मऊरानीपुर थाने बुलाया गया। उससे पूछताछ की गई।
उसे लोग सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार के नाम से जानते थे। मगर पुलिस को उसका असली नाम और एड्रेस मिल गया। नाम बदलकर रहने की वजह से पुलिस को शक हो गया। तब हरदोई पुलिस से संपर्क साधा गया।
हरदोई पुलिस के रिकॉर्ड में प्रदीप शुक्ला हिस्ट्रीशीटर निकला। ये भी पता चला कि वो 33 साल पुराने लूट के एक मामले में आरोपी है। तब SSP विकास कुमार ने हरदोई के पुलिस अफसरों से बात की। हरदोई पुलिस आरोपी के खिलाफ जारी हुए वारंट लेकर झांसी पहुंची। इसके बाद रविवार को उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
दो साल से दिव्य दरबार लगा रहा था
आरोपी प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज हरदोई जिले के शहर कोतवाली क्षेत्र के चौहान थोक का रहने वाला है। कई मामले दर्ज होने की वजह से वह पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर है। 22 साल पहले वह भागकर झांसी आ गया। पहले वह लहचूरा गांव और फिर मऊरानीपुर में किराए से रहा।
लगभग दो साल से मऊरानीपुर के कुरैंचा गांव रह रहा था। यहां उसने काली माता का मंदिर और आश्रम भी बना लिया था। उसने अपना नाम बदलकर सत्यानंद शुक्ला उर्फ काली सरकार रख लिया था। साथ ही, बाबा बनकर दिव्य दरबार लगाने लगा था।
वह लोगों की बीमारियां ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। जिस जगह मंदिर बनाया, वहां पहले एक चबूतरा और मढ़िया हुआ करती थी। पहले वह एक कमरे में मूर्ति रखकर दिव्य दरबार लगाता था। इसके बाद उसने मंदिर बनवाया। यहां रोजाना ढाई से तीन हजार लोग आते थे।
मंत्री ने छुड़ाने के लिए पैरवी की
आरोपी पहले सिर्फ शुक्रवार को दिव्य दरबार लगाता था। भीड़ बढ़ने पर शनिवार और रविवार को भी दरबार लगाने लगा। स्थानीय लोगों के लिए बुधवार को दरबार लगाता था। दो साल के अंदर उसने झांसी ही नहीं, देश के अलग-अलग हिस्सों में भक्त बना लिए थे। विदेश से भी लोग यहां पहुंचने लगे थे।
इन दरबार में वह हर बीमारी ठीक करने और दूसरी समस्याओं का समाधान करने का दावा करता था। यहीं नहीं, मध्य प्रदेश के कुछ मंत्री तक उसके शिष्य बन चुके थे। सूत्रों के मुताबिक, उसकी गिरफ्तारी की सूचना पर मध्य प्रदेश के कुछ मंत्री भी उसे छोड़ने के लिए पैरवी करने में जुटे रहे।
12 साल से बाबा को ढूंढ रही थी हरदोई पुलिस
मऊरानीपुर सीओ रत्नेश्वर सिंह ने बताया- प्रदीप शुक्ला के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। 1993 में पुलिस ने उसे लूट के एक मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 1998 में उसके खिलाफ मारपीट का एक और मामला दर्ज हुआ था। दोनों मामलों में वह कोर्ट में पेश नहीं हो रहा था।
इसके बाद कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी कर दिए थे। हरदोई पुलिस करीब 12 साल से उसकी तलाश कर रही थी। रविवार को हरदोई और मऊरानीपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने मंदिर में दबिश देकर काली सरकार बाबा उर्फ प्रदीप शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया।
इंस्टाग्राम पर एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स
बाबा ने करीब एक साल पहले इंस्टाग्राम पर ‘काली सरकार’ के नाम से पेज बनाया था। इस पर उसके एक लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। नवरात्र की वजह से काली सरकार ने सोशल मीडिया पर सूचना जारी कर 9 दिन तक दरबार बंद रखने के बारे लोगों को बताया था। हालांकि, नवरात्र के पहले दिन ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।