बीजेपी ने पंचायत चुनाव के पहले फेज के 12 जिलों के टिकट फाइनल कर दिए हैं। प्रदेश बीजेपी कार्यालय में रविवार देर रात तक इन जिलों में नाम फाइनल करने के लिए रायशुमारी चली। इसके बाद पार्टी ने अजमेर, बाड़मेर, भीलवाड़ा, डूंगरपुर, झालावाड़, जोधपुर, फलोदी, नागौर, पाली, राजसमंद, सिरोही और उदयपुर के जिला परिषद सदस्य व पंचायत समिति सदस्यों के नाम फाइनल किए।
आज बाकी 4 जिलों जयपुर, अलवर, बीकानेर और कोटा को लेकर रायशुमारी होगी। पहले फेज में 16 जिलों में चुनाव हैं। लेकिन पार्टी निकाय चुनाव की तर्ज पर ही टिकट जारी करेगी।
जिन जिलों में नाम फाइनल हो चुके हैं। उन जिलों के सिंबल जिला प्रभारियों को दिए जा चुके हैं। प्रभारी संबंधित उम्मीदवार को फोन करके नाम फाइनल होने की सूचना दे रहे हैं।
नागौर जिले में पार्टी को नहीं मिले जिताऊ प्रत्याशी
जिन 16 जिलों में पहले फेज में चुनाव हैं, उनमें सबसे ज्यादा माथापच्ची पार्टी को नागौर जिले में टिकट फाइनल करने में करनी पड़ी है। बताया जा रहा है कि पार्टी ने नागौर जिले के जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के कई वार्डों में टिकट को होल्ड पर रखा है। इन सीटों पर पार्टी को जिताऊ प्रत्याशी नहीं मिल रहे हैं।
यहां पार्टी को कांग्रेस के साथ-साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) से भी कड़ी चुनौती मिल रही है। रायशुमारी में भी स्थानीय नेताओं ने कहा कि पार्टी RLP को ध्यान में रखकर ही रणनीति बनाए। ऐसे में पार्टी इस बात पर भी विचार कर रही है कि नागौर में कुछ जगहों पर पार्टी प्रत्याशी ही नहीं उतारे। वहीं स्थानीय निर्दलीय प्रत्याशी को अपना समर्थन दें।
विधायकों की राय को ज्यादा महत्व
निकाय चुनाव से उलट पंचायत चुनावों में विधायकों की राय को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। शहरों के मुकाबले ग्रामीण क्षेत्रों में पार्टी का कैडर ज्यादा मजबूत नहीं है। ऐसे में विधायकों की राय मानकर उन्हें ही पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी को जिताने की जिम्मेदारी दी जा रही है।
हालांकि रायशुमारी में पार्टी सर्वे, संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी की राय के साथ-साथ जातिगत समीकरण और जीत की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। लेकिन जहां विवाद की स्थिति आ रही है तो विधायक की राय को ज्यादा महत्व दिया जा रहा है।