दिल्ली ब्लास्ट- कार में मौजूद डॉ. उमर का DNA मैच:धमाके का सबसे क्लोज CCTV वीडियो; सिग्नल पर ब्लास्ट में 20+ गाड़ियों के परखच्चे उड़े

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट को लेकर बुधवार देर रात ब्लास्ट का सबसे क्लोज CCTV फुटेज सामने आया है। 10 सेकेंड के वीडियो में नजर आ रहा है कि लाल किला मेट्रो स्टेशन के सिग्नल पर 20 से ज्यादा गाड़ियां खड़ी हैं।

शाम करीब 6.51 बजे सिग्नल ग्रीन हुआ, जैसे ही गाड़ियां आगे बढ़ीं, i20 कार में ब्लास्ट हो गया। जोरदार धमाके से आग की लपटें उठीं। आसपास की ज्यादातर गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए।

इधर, डॉ. उमर उन नबी का DNA उसकी मां के DNA से मैच हो गया। जांच टीमों को कार से उमर के दांत, हड्डियां, खून लगे कपड़े के टुकड़े और पैर का हिस्सा मिला था, जो स्टेयरिंग व्हील और एक्सीलेटर के बीच फंसा था।

इससे साफ हो गया है कि ब्लास्ट के वक्त कार में डॉ. उमर ही मौजूद था। 10 नवंबर को लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए ब्लास्ट में 13 लोग मारे गए हैं। एक घायल व्यक्ति की मौत गुरुवार सुबह हो गई।

वहीं, केंद्र सरकार ने दिल्ली कार ब्लास्ट को आतंकी हमला माना है। बुधवार को कैबिनेट मीटिंग में टेरर अटैक पर प्रस्ताव पारित किया गया।

पुलिस ने आशंका जताई थी कि दिल्ली धमाके में शामिल आतंकियों के पास एक नहीं, बल्कि दो कारें थीं। बुधवार को इसकी तलाश के लिए दिल्ली के साथ पड़ोसी राज्यों यूपी और हरियाणा में अलर्ट जारी किया गया था। इसके बाद हरियाणा के खंदावली गांव में लावारिस गाड़ी की खबर सामने आई।

इस गाड़ी की जांच के लिए NSG बॉम्ब स्क्वाड की टीम पहुंची है। गाड़ी अभी तक पूरी तरह से खोली नहीं गई है। सोर्स के अनुसार गाड़ी जहां मिली, वह उमर के ड्राइवर की बहन का घर था।

दिल्ली ब्लास्ट में 3 खुलासे…

  • पहला: जनवरी में लाल किले की रेकी की थी- दिल्ली को दहलाने की साजिश जनवरी से रची जा रही थी। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डंप डेटा से पता चला कि फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. मुजम्मिल गनी और धमाके में कथित रूप से मारे गए डॉ. उमर नबी ने जनवरी में कई बार लाल किले की रेकी की थी। दोनों ने वहां की सुरक्षा-और भीड़ का पैटर्न समझा था। पुलिस को शक है कि आतंकियों की प्लानिंग 26 जनवरी पर लाल किले पर हमले की थी, जो तब नाकाम हो गई।
  • दूसरा: दिल्ली में 6 दिसंबर को हमले का प्लान था – नबी दिल्ली में 6 दिसंबर को हमला करना चाहता था, लेकिन मुजम्मिल की गिरफ्तारी से प्लान बिगड़ गया। यह बात 8 आरोपियों से पूछताछ में सामने आई हैं। इस अंतरराज्यीय मॉड्यूल का केंद्र फरीदाबाद में था। गिरफ्तार आतंकियों में 6 डॉक्टर हैं। श्रीनगर का रहने वाला एक अन्य संदिग्ध डॉ. निसार फरार है। वह डॉक्टर्स एसोसिएशन ऑफ कश्मीर का अध्यक्ष भी है। अलफलाह में पढ़ा रहा था। जम्मू-कश्मीर सरकार ने डॉ. निसार को बर्खास्त कर दिया है।
  • तीसरा: खाद की बोरी बता विस्फोटक जुटा रहा था गनी– फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में काम कर रहा कश्मीरी डॉ. मुजम्मिल गनी खाद की बोरियां बताकर किराए के कमरे में विस्फोटक सामग्री जमा कर रहा था। 20 दिन पहले मुजम्मिल कमरे में कुछ बोरियां रखने आया था, तब पड़ोसियों ने उससे पूछा था कि इसमें क्या है? जवाब में मुजम्मिल ने कहा था कि ये खाद के कट्टे हैं। इन्हें कश्मीर ले जाना है। इस कमरे से 100 मीटर दूर एक मकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने फुटेज जब्त कर लिए हैं।
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