हाईकोर्ट में पंजाब के DDR चार्जेस पर सुनवाई आज:काउंसिल ऑफ लॉयर्स ने लगाई है याचिका, मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ में मामला

पंजाब में पुलिस सेवाओं पर चार्जेज के फैसले के खिलाफ आज पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। काउंसिल ऑफ लॉयर्स की जनहित याचिका पर आज मुख्य न्यायाधीश की खंडपीठ (Division Bench) सुनवाई करेगी। मामला पुलिस रोजनामचा (DDR) की कॉपी के लिए ₹100 और गुमशुदगी रिपोर्ट के लिए ₹20 वसूलने से जुड़ा है।

FIR पर यू-टर्न, अब DDR की बारी

याचिकाकर्ताओं एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य (चेयरमैन) और अभिषेक मल्होत्रा (नेशनल कोऑर्डिनेटर) ने बताया कि उनकी कानूनी चुनौती के बाद सरकार को 25 मार्च को FIR डाउनलोड करने पर लगाए गए ₹80 के शुल्क को वापस लेना पड़ा था। हालांकि, सरकार ने डीडीआर और लॉस्ट रिपोर्ट (गुमशुदगी) पर लग रहे चार्जेस को अब भी बरकरार रखा है।

तीन पॉइंट में समझिए याचिका के मुख्य तर्क

याचिका में वकीलों ने सरकार के इस कदम को पूरी तरह गैरकानूनी बताया है। उनके मुख्य तर्क इस प्रकार हैं:

1. पब्लिक डॉक्यूमेंट: डीडीआर और लॉस्ट रिपोर्ट पब्लिक डॉक्यूमेंट की श्रेणी में आते हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता को मुफ्त देना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

2. मौलिक अधिकारों का हनन: न्याय प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही पैसे वसूलना गरीब जनता के लिए इंसाफ के दरवाजे बंद करने जैसा है।

3. सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना: सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि कानूनी दस्तावेजों की पहुंच मुफ्त और आसान होनी चाहिए।