प्रयागराज महाकुंभ-2025 से चर्चा में आए IITian बाबा अभय सिंह ने खुद अपनी लव स्टोरी के बारे में बताया। उन्होंने कहा- प्रीतिका से मेरी मुलाकात 2025 में महाशिवरात्रि पर तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक आश्रम में हुई थी। प्रीतिका मोक्ष की तलाश में साधना करने आई थीं। वे भी आध्यात्मिक मार्ग पर थीं। यहीं से दोनों के बीच जुड़ाव हुआ।
IITian बाबा ने कहा- मुलाकात के दूसरे ही दिन मैंने प्रीतिका से शादी के लिए पूछ लिया। पहले तो प्रीतिका को लगा कि मैं मजाक कर रहा हूं। बाद में मैंने उनसे कहा कि मैं सीरियस हूं। एक साल तक हम दोनों दोस्त रहे। फिर शादी करने का फैसला किया। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर उत्तराखंड में ऋषिकेश के पास मनसा देवी मंदिर में प्रीतिका की मांग में सिंदूर भरा।
IITian बाबा सोमवार को शादी के बाद पहली बार नई दुल्हन के साथ हरियाणा के झज्जर अपने घर पहुंचे। यहां उनकी मां शीला देवी ने बहू का गृह प्रवेश कराया।
IITian बाबा ने कहा-
मैंने पहले ही कहा था कि अगर मुझे मेरी ‘पार्वती’ मिली तो जरूर शादी करूंगा। अब प्रीतिका के रूप में उन्हें उनकी जीवनसंगिनी मिल गई है।
IITian बाबा अभय सिंह और प्रीतिका हिमाचल के धर्मशाला में रह रहे हैं। परिवार से मुलाकात के बाद सोमवार रात को दोनों धर्मशाला चले गए। इन्होंने दिल्ली से धर्मशाला की फ्लाइट पकड़ी।
IITian बाबा बोले- डॉक्यूमेंट के लिए कोर्ट मैरिज की
कोर्ट मैरिज के सवाल पर IITian बाबा ने कहा- ऑफिशियल तौर पर भी ये जरूरी थी। हम जहां भी जाते थे तो डॉक्यूमेंट की जरूरत पड़ती थी। दूसरा, हम जो ऑर्गनाइजेशन बना रहे हैं, उसमें भी बैंक अकाउंट के लिए डॉक्यूमेंट जरूरी थे, इसलिए शादी के डॉक्यूमेंट जरूरी थे।
पिता बोले- कई दिन से बुला रहे थे
IITian बाबा के पिता कर्ण सिंह ने बताया- अभय का बैंक अकाउंट यूज न होने की वजह से फ्रीज हो गया था। उसने ब्रांच में जाकर इसे एक्टिव कराया। हम लोग कई दिन से उसे घर बुला रहे थे।
हमें डर रहता था कि कहीं वो डिप्रेशन में न चला जाए। सोमवार को वह अकेला नहीं, बल्कि बहू को साथ लेकर आया। हम लोगों को बहुत खुशी हुई। अब हमें संतुष्टि है कि बेटे को संभालने वाला कोई आ गया है।
प्रीतिका ने एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया
प्रीतिका मूलरूप से कर्नाटक की हैं। मंगलौर के सेंट जोसेफ इंजीनियरिंग कॉलेज (SJEC) से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं कम्युनिकेशन में बीटेक किया, फिर एमआईटी मणिपाल से एस्ट्रोनॉमी एंड स्पेस इंजीनियरिंग में मास्टर्स किया। बेंगलुरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA) में रिसर्च इंटर्नशिप की। जहां ब्रह्मांड के रहस्य खोजते-खोजते खुद अध्यात्म की ओर मुड़ गईं।