हरियाणा के यमुनानगर में सिंगर कन्हैया मित्तल ने एक बार फिर विवादित टिप्पणी कर दी। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए कहा- मजार पर माथा टेकने वालों को पितृ दोष लगता हैं, क्योंकि उसने अपना बाप बदल लिया।
सिंगर ने आगे कहा कि बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठिये भारत में नकली आधार कार्ड बनाकर घूम रहे हैं, खुद को हिंदू बताते हैं। उन लोगों का टारगेट हमारी बेटियां हैं। जब पाकिस्तान भारत में आतंकवादी भेजता है तो हमारी बेटियां ही उन्हें फोड़ती हैं। दुर्गा बनों या काली बनों, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनों।
मैं मस्जिद- चर्च नहीं जाता, मगर जब भी गुरुद्वारे को देखता हूं, तो दिल और जान वारता हूं। मंदिर में जैसे में श्याम बसते हैं, वैसे ही गुरुद्वारे में मेरे रब बसते हैं। कन्हैया सोमवार रात एक धार्मिक कार्यक्रम में आए थे, जहां उन्होंने ये विवादित टिप्पणी की।
अब सिलसिलेवार पढ़िए कन्हैया ने क्या टिप्पणी की…
यमुनानगर में तेजली रोड पर श्री श्याम प्यारे परिवार की ओर से सोमवार- मंगलवार रात को श्री बालाजी संकीर्तन कार्यक्रम कराया गया। आयोजकों ने कार्यक्रम में कन्हैया मित्तल को भजन गायन के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान कन्हैया ने ये विवादित टिप्पणी की।
- घुसपैठिये भारत में घुसे: कन्हैया मित्तल ने कहा कि बहुत सारे बांगलादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठिये भारत में घुसे हुए हैं। उनका टारगेट सिर्फ हमारी बेटियां हैं। हमारी बेटियां अब सिर्फ घरों में खाना नहीं बनाती है। ये नए भारत की बेटियां हैं, जब पाकिस्तान भारत में आतंकवादी भेजता है तो पाकिस्तान में बम फोड़ने के लिए यहीं बेटियां भेजी जाती हैं।
- दुर्गा बनों, बुर्खे वाली न बनों: कन्हैया ने भजन की एक लाइन में कहा कि ‘भारत की बेटी भारत पर, वार दे जो तन-मन-धन, दुर्गा बन, काली बन कभी ना बुर्खे वाली बन’। कार्यक्रम में सिख श्रद्धालुओं को देखकर कन्हैया ने आगे कहा कि अगर गुरु तेग बहादुर जी और गुरु गोबिंद सिंह जी न होते तो आज इतने जोर शोर से हम भी जय श्रीराम नहीं बोल पाते।
- गुरुद्वारे में मेरे रब बसते हैं: कन्हैया ने आगे कहा कि हम खुशकिस्मत हैं जो सिख हमें बड़े भाई की तरह मिले हैं। मैं मस्जिद और चर्च नहीं जाता, लेकिन जब भी गुरुद्वारा देखता हूं तो दिल और जान वारता हूं। क्योंकि मंदिर में जैसे में श्याम बसते हैं, वैसे ही गुरुद्वारे में मेरे रब बसते हैं।
- एक के साथ रहने से पितृ दोष नहीं लगता: कन्हैया मित्तल ने कहा, हमारे पित्तर (पूर्वज) तब तक नाराज नहीं होते, तक हम अपना धर्म छोड़कर दूसरे धर्म में नहीं चले जाते। अगर हमने अपना धर्म छोड़कर मजारों पर माथा टेका तो पितृ दोष लगता ही लगता है। क्योंकि उसने अपना बाप बदल लिया है। जब तब एक धर्म के साथ रहेंगे पितृ दोष लग ही नहीं सकता।
प्रोग्राम में कट्टर हिंदू आते हैं
कन्हैया ने एक भजन के बीच में कहा कि लोग उनसे पूछते हैं- आप जहां पर जाते हैं, वहां इतनी भीड़ क्यों आती है। कन्हैया ने कहा कि बाकि जगह सिर्फ हिंदू आते हैं, लेकिन हमारे यहां कट्टर हिंदू आते हैं। उधर, आयोजक धीरज ने कहा कि कन्हैया की टिप्पणी से कोई विवाद नहीं है। रात को एक बजे तक प्रोग्राम चला। कन्हैया ने लोगों के हित की बातें की।