बांसवाड़ा के ग्रामीण इलाकों में सोमवार सुबह करीब 7 बजे लेपर्ड का रेस्क्यू किया गया। रविवार दोपहर एक गाय के बछड़े पर लेपर्ड के हमले की सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और देर रात उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
यह मामला बांसवाड़ा के गढ़ी परतापुर वन नाका क्षेत्र के भगोरा गांव का है, जहां 20 दिनों के भीतर दूसरा लेपर्ड पकड़ा गया है।
पिंजरे में बकरी बांधकर जाल लगाया
डीएफओ अभिषेक ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 2:00 बजे सूचना मिली थी कि एक लेपर्ड ने गाय के बछड़े पर हमला किया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को तुरंत मौके पर रवाना किया गया। शाम को लेपर्ड को लुभाने के लिए पिंजरे में बकरी बांधी गई। शिकारी लेपर्ड शिकार के लालच में पिंजरे के अंदर आया और उसमें फंस गया। सोमवार सुबह करीब 7 बजे उसके पकड़े जाने की पुष्टि हुई।
20 दिन में दूसरा लेपर्ड पकड़ा गया
हैरानी की बात यह है कि पिछले 20 दिनों के भीतर यह दूसरा सफल रेस्क्यू है। अधिकारियों का मानना है कि इससे पहले पकड़ी गई मादा लेपर्ड थी और यह उसी के समूह का हिस्सा हो सकता है। फिलहाल पकड़े गए लेपर्ड को रेंज कार्यालय लाया गया है।
जंगल में किया जाएगा आजाद
लेपर्ड को बांसवाड़ा के पास किसी सुरक्षित घने जंगल में छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग ने क्षेत्र में अपना सर्च ऑपरेशन और गश्त जारी रखी है ताकि अन्य किसी जंगली जानवर की मौजूदगी होने पर समय रहते कदम उठाए जा सकें।